राजस्व महाभियान में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब नई व्यवस्था बनाई है। पहले परिमार्जन प्लस पोर्टल से इन आवेदनों का निष्पादन करने की प्रक्रिया की जा रही थी, लेकिन अब आरओआर (राइट ऑफ रिकॉर्ड) पोर्टल से इसका निष्पादन किया जाएगा।
विभाग की उपनिदेशक, बिहार सर्वेक्षण कार्यालय मोना झा ने सभी समाहर्ताओं को इससे अवगत कराया और अपने स्तर से अंचलाधिकारियों को इस पोर्टल के माध्यम से आवेदनों का निष्पादन करने के लिए निर्देशित करने का अनुरोध किया है।
परिमार्जन प्लस पोर्टल में आवेदनों को सिर्फ स्वीकृत और अस्वीकृत करने की प्रक्रिया की जा सकती है, जबकि आरओआर पोर्टल में रैयतों से सुनवाई के क्रम में अपेक्षित सुधार भी राजस्व कर्मचारियों के द्वारा किया जा सकेगा।
राजस्व महाअभियान पोर्टल पर आवेदन अपलोड
राजस्व महाअभियान के दौरान जितने भी आवेदन प्राप्त हुए हैं, उन सभी को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। संबंधित पदाधिकारी लागिन कर जिला, अंचल, मौजा और हल्कावार सर्च कर आवेदनों को खोज सकते हैं।
सीओ मौनी बहन ने बताया कि राजस्व महाअभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों को पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। अब इसमें सुधार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसके तहत रैयत के नाम में सुधार, प्लाट विवरण में सुधार और परिवर्तन का प्राधिकार एवं लगान अवशेष में सुधार किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटाइज्ड जमाबंदियों की त्रुटि में सुधार की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।