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Thursday, March 26, 2026

BIHAR:गायघाट थानाध्यक्ष समेत पूरी छापेमारी टीम सस्पेंड:मुजफ्फरपुर में SI की फायरिंग से बुर्जुग की हुई थी मौत, तेजस्वी ने कहा था- मुझे कमजोर न समझे

MUZAFFARPUR : जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में हुए जगवीर राय हत्याकांड मामले में मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी ने कर्तव्यहीनता और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी राजा सिंह सहित छापेमारी में शामिल पूरी पुलिस टीम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

दरअसल, यह पूरा मामला पॉस्को एक्ट के एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए की गई छापेमारी से जुड़ा है। छापेमारी के दौरान पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प हो गई थी। इस हिंसक टकराव में जहां कई पुलिसकर्मी जख्मी हुए और सरकारी गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हुईं, वहीं दूसरी ओर गोली लगने से जगवीर राय नामक व्यक्ति की मौत हो गई। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर तत्कालीन थाना अध्यक्ष पर जगवीर राय की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का तर्क था कि हमलावर भीड़ से बचने के लिए आत्मरक्षा में गोली चलाई गई थी।

घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और इस पर सियासत भी गरमा गई। कांग्रेस सांसद पप्पू यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मृतक जगवीर राय के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। राजनीतिक दबाव और स्थानीय आक्रोश के बीच एसएसपी ने पहले थाना प्रभारी राजा सिंह को लाइन हाजिर किया था और पूरी टीम को थाने से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया था, लेकिन अब जांच की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की सख्त कार्रवाई की गई है।

एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने केवल निलंबन ही नहीं किया, बल्कि आरोपी थाना प्रभारी राजा सिंह के विरुद्ध एक और कड़ा कदम उठाया है। थाना प्रभारी को मिलने वाले प्रतिष्ठित 'वीर पशुपति नाथ मेडल' और प्रशस्ति पत्र पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है और उन्हें इससे वंचित कर दिया गया है। पुलिस का मानना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, ऐसे सम्मानों पर रोक अनिवार्य है।

वर्तमान में इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो मजिस्ट्रेट की निगरानी में साक्ष्यों को खंगाल रही है। मौके से एफएसएल (FSL) की टीम ने भी वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।