विजय सिन्हा ने कहा कि, अगर नौकरी करनी है तो सेवा भाव से करें। जो ढंग से काम नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि, कुछ लोगों हड़ताल कर अपनी मांगों को कमजोर कर रहे हैं। ये मौसम हड़ताल का नहीं है। ये मौसम काम करने का है। मार्च का महीना साथ मिलकर काम कर विभाग की प्रतिष्ठा बढ़ाने का है। लोगों की समस्या को खत्म कर अच्छा संदेश देने का था लेकिन ये लोग जनता के बीच गलत संदेश दे रहे हैं।
विजय सिन्हा ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है जो लोग लौट के आएंगे उनका सामान्य बढ़ेगा जो आएंगे उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा लेकिन जो लोग नहीं आएंगे उनपर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अगर सीओ और कर्मचारी स्थायी हड़ताल पर गए तो सरकार विभाग में नई बहाली भी कर सकती है। इससे परेशानी उनकी ही बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि वो निलंबन की कार्रवाई भी करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते नहीं लौटे तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
डिप्टी सीएम ने कहा कि पिछले 100 दिनों के दौरान विधानसभा का सत्र भी चला और होली जैसे बड़े त्योहार भी आए, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने लगातार काम किया। उन्होंने बताया कि बिहार से जुड़ी जमीनों की जानकारी को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए बिहार भूमि पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिससे लोगों को जमीन से जुड़े कामों में सुविधा होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने हड़ताल के पीछे साजिश की भी आशंका जताई। उन्होंने कहा कि साजिश करने वाले जो भू माफिया हैं, वैसे लोगों को आने वाले दिनों में अफसोस होगा क्योंकि इससे हम प्रभावित नहीं होने वाले हैं। जो संकल्प NDA सरकार को इतने बड़े जनादेश के साथ मिला है, उसे जनादेश का सम्मान करने के लिए जो भी कीमत अदा करने पड़ेगा उसे हम करेंगे।
विजय सिन्हा ने कहा कि उन्होंने 12 दिसंबर से संवाद की प्रक्रिया शुरू की थी ताकि विभागीय कामकाज को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि 31 दिसंबर जैसे दिन, जब अधिकतर लोग छुट्टी मनाते हैं, उस दिन भी वे सहरसा में बैठकर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग में किए गए कार्यों की सराहना नीतीश कुमार ने भी की है। डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाना है, ताकि आम लोगों को जमीन से जुड़े कामों में कम से कम परेशानी हो।