NEWS SOURCE-दैनिक जागरण/बेतिया (पश्चिम चंपारण): नवलपुर थाना क्षेत्र में ठेकेदार विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। विधानसभा चुनाव के दौरान 10 लाख रुपये चंदा नहीं देने पर साजिश के तहत ठेकेदार के भतीजे के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए यूट्यूबर व जनसुराज नेता समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी पलटवार करते हुए ठेकेदार पक्ष पर केस दर्ज कराया है।
लखनऊ के गोमतीनगर निवासी ठेकेदार त्रिभुवन नारायण सिंह के भतीजे संजीत कुमार सिंह ने बताया कि 20 मार्च को वह बेतिया-नवलपुर रोड स्थित बगहा चौक के पास निर्माणाधीन पुल के लिए सामग्री खरीदने नवलपुर बाजार पहुंचे थे।
रंगदारी और मारपीट का आरोप
संजीत कुमार के अनुसार, बाजार में पहले से मौजूद रमेश यादव, संतोष कुमार गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, बिट्टू प्रसाद, विशाल गुप्ता और अनिल यादव ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने रमेश यादव पर एक लाख रुपये रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया है।
ठेकेदार त्रिभुवन नारायण सिंह का कहना है कि विधानसभा चुनाव के समय उनसे 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। रकम नहीं देने पर 16 मार्च को अपने सहयोगियों के साथ मनुआपुल-रतवल मार्ग स्थित चमैनिया पुल निर्माण स्थल पर पहुंचे और कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज की तथा काम बंद कराने की धमकी दी।
दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराया केस
वहीं, नवलपुर गांव निवासी रमेश यादव की मां फुलेनी देवी ने ठेकेदार पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने त्रिभुवन नारायण सिंह, संजीत कुमार सिंह सहित अन्य पर मारपीट, दो लाख रुपये चोरी करने और जबरन कार में बैठाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस जांच में जुटी
नवलपुर थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि पुल निर्माण सामग्री की आपूर्ति को लेकर दुकानदारों के बीच प्रतिस्पर्धा भी विवाद की एक वजह हो सकती है। मामले में पक्ष जानने के लिए से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।