Kosi Live-कोशी लाइव सुपौल में म्यूटेशन घोटाले का खुलासा, CO आनंद कुमार मंडल पर FIR, सरकारी जमीन में हेरफेर के आरोप - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Tuesday, March 24, 2026

सुपौल में म्यूटेशन घोटाले का खुलासा, CO आनंद कुमार मंडल पर FIR, सरकारी जमीन में हेरफेर के आरोप

हेडलाइन:
सुपौल में म्यूटेशन घोटाले का खुलासा, CO आनंद कुमार मंडल पर FIR, सरकारी जमीन में हेरफेर के आरोप

Bihar Mutation Scam: सुपौल जिले में सरकारी जमीन के परिमार्जन को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में सुपौल सदर के तत्कालीन अंचलाधिकारी (CO) आनंद कुमार मंडल के खिलाफ सदर थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दलालों के साथ मिलीभगत कर सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर किया।

यह मामला शहर के लोहियानगर चौक स्थित खाता संख्या 458 की जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, उक्त जमीन पहले सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज थी, लेकिन परिमार्जन की प्रक्रिया के दौरान इसमें बदलाव कर दिया गया। आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर जमीन की प्रकृति बदलने की कोशिश की गई।

मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में अनियमितता सामने आने के बाद जिलाधिकारी सावन कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन CO आनंद कुमार मंडल के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद सदर थाना में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच तेज कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, परिमार्जन के नाम पर सरकारी दस्तावेजों में बदलाव किया गया, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इस पूरे प्रकरण में कुछ बिचौलियों और दलालों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। प्रशासन ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुटा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। संबंधित दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है और यह पता लगाया जा रहा है कि परिमार्जन प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर गड़बड़ी हुई। साथ ही इसमें शामिल अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। उन्होंने कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा।

इस घटना के बाद जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आम लोगों के बीच भी यह चर्चा है कि यदि सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में इस तरह की हेराफेरी संभव है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।