हाजीपुर। पटना निगरानी की टीम ने बुधवार शाम हाजीपुर खनन विभाग कार्यालय में छापेमारी कर 50 हजार रुपये रिश्वत लेते डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत दो कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार ऑपरेटर और परिचारी को खनन कार्यालय से सर्किट हाउस लाया गया, जहां दोनों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, बिदुपुर प्रखंड के माइल गांव स्थित मीनाक्षी एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राजीव कुमार के स्टाफ ने गिट्टी भंडारण दुकान के लाइसेंस के लिए रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
मोतिहारी का रहने वाला है ऑपरेटर
शिकायत के बाद निगरानी टीम ने सत्यापन कर खनन विभाग में जाल बिछाया और डाटा एंट्री ऑपरेटर व एक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार डाटा एंट्री ऑपरेटर राहुल कुमार रोशन (पुत्र रमन प्रसाद, निवासी कालू पाकड़, जिला मोतिहारी) तथा परिचारी प्रमोद कुमार (पुत्र स्वर्गीय राजेश्वर प्रसाद यादव, निवासी टरवा मगरपाल, जिला छपरा) बताए गए हैं।
इसकी जानकारी निगरानी टीम के डीएसपी ने दी। टीम में डीएसपी सदानंद कुमार, मिथिलेश कुमार के अलावा भारत भूषण सिंह, राहुल कुमार, पंकज कुमार, नागेंद्र कुमार और रमेश कुमार शामिल थे।
निगरानी टीम दोपहर करीब तीन बजे पहुंची थी और एक घंटे के भीतर दोनों कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
पहले मांगे थे 10 हजार, बाद में की 50 हजार रुपये की डिमांड
बताया गया कि बिदुपुर थाना क्षेत्र के दाउदनगर निवासी स्वर्गीय शिवजी राय के पुत्र जिम्मेदार कुमार ने 6 फरवरी को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में कहा गया कि गिट्टी भंडारण लाइसेंस के लिए आवेदन देने के बाद डाटा एंट्री ऑपरेटर राहुल कुमार रोशन ने पहले 10 हजार रुपये की मांग की, जिसमें 5 हजार रुपये ऑनलाइन चालान और 5 हजार रुपये फीस के नाम पर लिए गए।
शिकायत के अनुसार, 30 जनवरी को दोबारा मिलने पर ऑपरेटर ने बताया कि चालान जमा हो गया है, लेकिन लाइसेंस जारी करने के लिए 50 हजार रुपये "ऑफिस फीस" अलग से देनी होगी। पूछने पर कहा गया कि यह राशि ऊपर तक देनी होती है।
इस संबंध में डीएसपी सदानंद कुमार ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों कर्मियों को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।