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पूर्णिया में साइबर ठग और मोबाइल चोर गिरोह पर बड़ी कार्रवाई: 11 गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल से करते थे ठगी
पूर्णिया। जिले में साइबर ठगी और मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह चोरी किए गए मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खातों से ठगी करता था। हालांकि, इस नेटवर्क से जुड़े कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
सीएसपी संचालक से ठगी का मामला
पहला मामला के.हाट थाना क्षेत्र के जनता चौक बीबीगंज से सामने आया, जहां सीएसपी संचालक चंदन कुमार चांद साइबर ठगी का शिकार हुए। 2 मार्च की सुबह तीन युवक बिना नंबर प्लेट की बाइक से उनके साइबर कैफे पहुंचे और एक बैंक खाते से 2700 रुपये उनके मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर कर नकद राशि लेकर फरार हो गए। शुरुआत में यह सामान्य लेन-देन लगा, लेकिन बाद में ईमेल के जरिए साइबर शिकायत मिलने पर मामला संदिग्ध हो गया।
चोरी के मोबाइल से करते थे ट्रांजैक्शन
जांच के दौरान पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से ट्रांजैक्शन किया गया था, वह चोरी का था। इसके बाद पीड़ित ने सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया की मदद से आरोपियों की पहचान की। सूचना मिलने पर पुलिस ने जनता चौक से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान साहेबगंज निवासी कुंदन कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर मोबाइल और आभूषण चोरी करता था और उन्हीं मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम देता था। पुलिस ने उसके पास से बिना नंबर प्लेट की यामाहा बाइक भी बरामद की है।
गुलाबबाग में 10 आरोपी दबोचे गए
दूसरी बड़ी कार्रवाई गुलाबबाग टीओपी पुलिस ने की। गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 63 सिम कार्ड, 8 मोबाइल फोन और 17,540 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और लोगों को झांसा देकर ठगी करता था।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। वहीं फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस की अपील
गुलाबबाग टीओपी प्रभारी सन्नी कुमार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।