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मधेपुरा में भीषण सड़क हादसा: हाइवा–कार टक्कर में चार युवकों की दर्दनाक मौत, शहर में शोक की लहर
मधेपुरा (बिहार)।
बिहार के मधेपुरा से शनिवार अहले सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यूनिवर्सिटी और बिजली कार्यालय के बीच मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार हाइवा और कार की आमने-सामने की टक्कर में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की भयावहता ने पूरे इलाके को दहला दिया और शहर शोक में डूब गया।
कैसे हुआ हादसा
शनिवार सुबह करीब 4 बजे, जब शहर गहरी नींद में था, तभी अचानक जोरदार धमाके की आवाज से लोग सहम गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह हाइवा में बुरी तरह फंस गई। हाइवा कार के ऊपर चढ़ गया, जिससे कार सवार चारों युवक अंदर ही फंस गए।
सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। सदर थाना पुलिस और एंबुलेंस भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन सदर अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार के अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था। ड्राइविंग सीट पर बैठे युवक का सिर बाहर की ओर लटक गया था, जबकि अन्य युवक गंभीर रूप से क्षत-विक्षत अवस्था में थे। हादसे के बाद काफी देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले चारों युवक मधेपुरा जिले के रहने वाले बताए गए हैं—
- सोनू कुमार, पिता अशोक साह, गुलजारबाग वार्ड-20
- साहिल राज, पिता सुबोध साह, मस्जिद चौक वार्ड-13
- साजन कुमार, पिता जयप्रकाश यादव, उदाकिशुनगंज
- रूपेश कुमार, पिता रामनरेश दास, धुरगाऊ,भर्राही
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त हाइवा और कार को जब्त कर लिया गया है, जबकि हाइवा चालक घटना के बाद फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
CCTV फुटेज में कैद हुई टक्कर
घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में हादसा कैद हो गया है। फुटेज में दिख रहा है कि हाइवा मधेपुरा से सिंहेश्वर की ओर जा रहा था, जबकि कार सिंहेश्वर से मधेपुरा की ओर आ रही थी। बिजली कार्यालय के पास कार सीधे हाइवा की चपेट में आ गई और कुछ ही सेकंड में यह भीषण हादसा हो गया।
खुशी से मातम में बदला घर
इस हादसे ने सबसे ज्यादा दर्द सोनू कुमार के परिवार को दिया है। शुक्रवार रात सोनू के घर बेटे का जन्म हुआ था। परिवार में खुशी का माहौल था, मिठाइयां बांटने और भोज की तैयारी चल रही थी। लेकिन सुबह होते-होते वही घर मातम में बदल गया। सोनू अपने नवजात बेटे का चेहरा तक नहीं देख सका।
सोनू के पिता ने नम आंखों से कहा,
“शाम में बेटा कंबल लेकर अस्पताल गया था… पोता हुआ था… सुबह बेटे की मौत की खबर मिली। सब कुछ खत्म हो गया।”
शहर में शोक, सवालों के घेरे में तेज रफ्तार
हादसे के बाद पूरे मधेपुरा में शोक की लहर है। चार परिवारों के चिराग एक साथ बुझ गए। एक नवजात बच्चा अपने पिता को कभी नहीं देख पाएगा। इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।