भागलपुर। सुल्तानगंज का कुख्यात अपराधी मृत्युंजय यादव को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से पुलिस टीम ने हथियार,कारतूस, स्मैक,रुपए आदि बरामद किया है।
वह 16 जनवरी 2026 को कोलगामा निवासी सुमन राम की हत्या करने के उद्देश्य से गांव में चक्कर लगा रहा था। उसे हथियार के साथ देख एक ग्रामीण ने मृत्युजंय को देख एसएसपी को मैसेज कर दिया।
मैसेज संज्ञान में आते ही एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने सिटी एसपी शैलेन्द्र सिंह की निगरानी और डीएसपी विधि व्यवस्था नवनीत कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर दी। तुम में इंस्पेक्टर सुल्तानगंज मृत्युंजय कुमार, विष्णुदेव कुमार,संजय मंडल, आशुतोष कुमार, बिट्टू राज, बीरेंद्र कुमार और रोहित कुमार को शामिल के छापेमारी कराई गई।
कोलगामा गांव में दो अलग अलग टीम में बंट कर घेराबंदी की गई तो मृत्युंजय यादव दबोच लिया गया। वरना वह पूर्व में पुलिस टीम को चकमा दे दियारा भाग जाया करता था। पुलिस टीम की तगड़ी घेराबंदी में उसकी पुलिस से लुकाछिपी बंद हो गई।
उससे पुलिस टीम अलग अलग पूछताछ कर उसके अपराधी सहयोगियों की जानकारी और उनके पास मौजूद हथियारों की जानकारी ले रही है।
मृत्युंजय ने कोलगामा निवासी सुमन राम पर हत्या की नीयत से 15 जनवरी को गोलीबारी की थी। उस दौरान चार राउंड गोलियां पिस्टल से चलाई थी। सुमन तब जान बचाते हुए वहां से भाग निकला था।
हत्या की फिराक में था मृत्युंजय
मृत्युंजय यादव सुमन राम,उसकी पत्नी पुनीता देवी समेत उसके परिवार के अन्य सदस्यों की हत्या करने में असफल रहने पर 16 जनवरी की शाम फिर दियारा से आकर गांव की चक्कर लगा रहा था, ताकि सुमन और उसकी पत्नी की हत्या कर सके।
सुमन और उसके परिवार को गांव से उजाड़ के भगाने की पूर्व में धमकी देने वाले इस अपराधी ने हथियार लहराते हुए पूर्व में भी ग्रामीणों को दहशतज़दा कर दिया था। जानलेवा हमले में जख्मी सुमन, उसकी पत्नी पुनीता समेत चार लोगों को तब जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में उपचार कराया गया था।
सुमन और उसकी पत्नी पुनीता ने पुलिस को जानकारी दी थी कि मृत्युंजय यादव और धनंजय यादव उनके बेटे राहुल राम के साथ मारपीट की थी। राहुल मृत्युंजय की तरफ से गांव में स्मैक बेचे जाने का विरोध किया था। जिससे कुपित मृत्युंजय ने राहुल को बुरी तरह पीटा था।
बचाव में आगे आए परिवार के अन्य सदस्यों पर जानलेवा हमले को अंजाम दिया था। राहुल के पिता सुमन राम को जान से मार देने की नीयत से दौड़ा दौड़ा कर एक के बाद एक चार गोलियां दागी थीं, लेकिन सुमन किसी तरह जान बचा कर भाग निकला था। मामले में सुमन की पत्नी पुनीता ने केस दर्ज कराया है।