इस दौरान सबसे ज्यादा जरूरत बर्थ सर्टिफिकेट की पड़ रही है. ऐसे में अगर किसी बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट खो गया है या अब तक नहीं बना है, तो घबराने की जरूरत नहीं है.
बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया हुई आसान
दरअसल, पटना नगर निगम की ओर से इसे बनवाने की प्रक्रिया को आसान और तेज कर दिया गया है. नए सत्र में स्कूल और कॉलेजों में दाखिले के साथ-साथ अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए बर्थ सर्टिफिकेट की मांग बढ़ गयी है. इसके चलते अंचल कार्यालयों में लोगों की भीड़ लगने लगी है.
बर्थ सर्टिफिकेट के लिए सिर्फ इन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत
जानकारी के मुताबिक, पटना नगर निगम ने बोर्ड परीक्षा से पहले स्टूडेंट्स को बड़ी राहत दी है. 10वीं क्लास के रजिस्ट्रेशन से पहले बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए अब केवल माता-पिता का आधार कार्ड और एफिडेविट ही पर्याप्त होगा. जबकि 10वीं के बाद शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर बनेगा.
डॉक्यूमेंट्स बनाने में ये अंचल सबसे आगे
दरअसल, पटना नगर निगम के अंतर्गत शहरी क्षेत्र के चार अंचलों में साल 2025 के दौरान अब तक करीब 1.07 लाख बर्थ सर्टिफिकेट बनाये जा चुके हैं. इनमें सबसे अधिक सर्टिफिकेट नूतन राजधानी अंचल (77034) में बने हैं. इसके अलावा पाटलिपुत्र अंचल में 12308, कंकड़बाग अंचल में 6080 और बांकीपुर अंचल में 12476 बर्थ सर्टिफिकेट बनाए गए हैं.