सहरसा के काशनगर बाजार की एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान 35 वर्षीय मजदूर संजय ठाकुर की मौत हो गई। मृतक दिल्ली में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।
संजय 3 सितंबर को दिल्ली से गांव लौट रहे थे। रास्ते में तबीयत खराब होने पर उन्हें पत्नी के मौसा के साथ सहरसा जिले के झिटकिया गांव ले जाया गया, जहां उन्हें काशनगर के डॉक्टर मुकेश कुमार के क्लिनिक में भर्ती कराया गया।
तेज बुखार आने पर ग्लूकोज दिया
4 सितंबर को तेज बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह पर उन्हें ग्लूकोज दिया गया। 5 सितंबर को दोपहर बाद उनकी मौत हो गई। मृतक तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो बेटियां और एक बेटा है, जबकि पत्नी 8 महीने की गर्भवती हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
परिजनों का आरोप है कि, डॉक्टर ने पहले 5 लाख रुपये मुआवजे के रूप में देने की बात कही। लेकिन बाद में मुकर गया। और कहा कि पुलिस से मामले की जांच करा लें। परिवार ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
सौर बाजार थाना अध्यक्ष अजय पासवान ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।