
(बिहार के जिला शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण के आवास पर रेड)
करोड़ों की नकदी, मंगवाई नोट गिनने की मशीन
करोड़ों की नकदी के साथ ही उनके ठिकानों से चल-अचल संपत्ति के कागजात भी बरामद किए गए हैं. ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन और छापेमारी अभी भी जारी है. जिला शिक्षा अधिकारी के घर से इतनी रकम बरामद हुई है कि गिनना भी मुश्किल हो रहा है. सुबह से छापेमारी लगातार जारी है. किसी को भी घर के अंदर जाने या भीतर से बाहर आने की परमिशन नहीं है. पिछले कई घंटों से विजिलेंस की टीम उनके घर पर मौजूद है. बता दें कि जिला शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण पिछले 3 सालों से बेतिया में पोस्टेड हैं. उनके कार्यालय में भी ये छापेमारी चल रही है.

(बिहार के जिला शिक्षा अधिकारी के घर रेड में मिले नोट)
घर से अब तक 1.87 करोड़ से ज्यादा मिले
बता दें कि रजनीकांत प्रवीण पश्चिम चंपारण के जिला शिक्षा अधिकारी हैं.उनके तीन से ज्यादा ठिकानों पर विजिलेंस की टीम छापेमारी कर रही है. उन पर आय से अधिक संपत्ति मामले में ये कार्रवाई चल रही है. शिक्षक संगठनों ने भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.सामने आई जानकारी के मुताबिक रजनीकांत प्रवीण के ठिकानों से अब तक 1.87 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का पता चल चुका है. उन पर करीब 3 करोड़ की संपत्ति होने का आरोप है.

(बिहार के जिला शिक्षा अधिकारी के घर पर छापेमारी)
कौन हैं रजनी कांत प्रवीण?
रजनी कांत प्रवीण बिहार राज्य शिक्षा विभाग के 45वें बैच के अफसर हैं. उन्होंने साल 2005 में सेवा देनी शुरू की. वह करीब 19-20 सालों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं. लेकिन छापे में उनके घर से करोड़ों मिले हैं, जिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उनकी पत्नी एक स्कूल चलाती हैं. आरोप लगाने वालों का कहना कि उनके अवैध रकम के निवेश से ही उनकी पत्नी स्कूल चलाती हैं.
