मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद महंथ मिठठू दास प्ल्स टू उच्च विद्यालय अमरपुर के मैदान में लगाये गये प्रर्दश में मछली लूट के वायरल वीडियो में स्कूली बच्चों द्वारा बायो फ्लोक टैंक को तोड़-फोड़ एवं मछली की लूट-पाट मामले में मध्य विद्यालय अमरपुर के प्रधानाध्यापक देव मुकुन्द को निलंबित कर दिया गया है।
स्कूल के नौ शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शिक्षकों पर भी गाज गिरने की संभावना है। हेडमास्टर के निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, कार्यालय सोनवर्षा निर्धारित किया गया है। निलंबित मुख्यालय के अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 की नियम 10 के अन्तर्गत इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता का नियमानुसार भुगतान किया जायगा।
डीईओ ने हेडमास्टर के स्पष्टीकरण को बताया भ्रामक: डीईओ ने निलंबित हेडमास्टर के स्पष्टीकरण को भ्रामक बताते हुए कहा कि वायरल वीडियो को देखने से प्रतीत होता है कि जो बच्चें उस घटना में शामिल है, उनकी उम्र मध्य विद्यालय में पढ़ने की है। घटना का समय विद्यालय अवधि में वर्ग संचालन का है। उक्त अवधि में आवागमन के मार्ग आमजन के लिये अवरूद्ध कर दिया गया था। इसकी पूर्ण संभावना बनती है कि ये छात्र मध्य विद्यालय अमरपुर के है।
डीईओ ने कहा कि प्रश्न उठता है कि विद्यालय अवधि में जब वर्ग संचालित थे, तब ये छात्र मैदान में कैसे एकत्रित हो गये? छात्रों को शिक्षकों ने वर्ग से बाहर आने की अनुमति कैसे दी? यह इस बात का घोत्तक है कि प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय का प्रशासन चलाने में असमर्थ है तथा छात्रों पर इनका नियंत्रण नहीं है। प्रधानाध्यापक ने स्पष्टीकरण में तथ्य को छुपाया है/तोड़ मरोड़कर प्रस्तुत किया है। प्रधानाध्यापक का स्पष्टीकरण अस्वीकार्य एवं असंतोषजनक है।
अब इन शिक्षकों से स्पष्टीकरण: डीईओ ने अब स्कूल के शिक्षक विद्यानंद आनंद, इसरत प्रवीण, कुमोद राम, पवन कुमार, पवन कुमार शर्मा, प्रमीला कुमारी, प्रियंका कुमारी, राकेश कुमार पटवे, शंभू कुमार राम, मध्य विद्यालय अमरपुर से भी स्पष्टीकरण मांगा है। डीईओ ने शिक्षकों से कहा कि स्पष्ट करें कि इसके लिए जिम्मेवार मानते हुए क्यों नहीं आपके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थतित की जाय।
