Kosi Live-कोशी लाइव Bihar News: पूर्व डीजीपी का वो 'जुर्म' जानिये जिसपर कस गया कानून का शिकंजा, ईओयू ने इस मामले में पाया 'दोषी' - Kosi Live-कोशी लाइव

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Friday, September 13, 2024

Bihar News: पूर्व डीजीपी का वो 'जुर्म' जानिये जिसपर कस गया कानून का शिकंजा, ईओयू ने इस मामले में पाया 'दोषी'


बिहार के पूर्व DGP सह केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के तत्कालीन अध्यक्ष SK सिंघल के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. EOU के ADG नैय्यर हसनैन खान ने यह अनुशंसा करते हुए पेपर लीक मामले को लेकर पूर्व DGP SK सिंघल के विरुद्ध तमाम साक्ष्यों का उल्लेख करते हुए DGP को पत्र लिखा है. EOU के ADG नैय्यर हसनैन खान ने यह अनुशंसा करते हुए पेपर लीक मामले को लेकर पूर्व DGP SK सिंघल के विरुद्ध तमाम साक्ष्यों का उल्लेख करते हुए DGP को पत्र लिखा है.

EOU की SIT की रिपोर्ट में SK सिंघल को दायित्वों का निर्वहन नहीं करने के मामले में SIT ने दोषी पाया है. जांच के क्रम में SK सिंघल को EOU की टीम तीन से चार बार पूछताछ कर चुकी है, इस दौरान कई तथ्यों पर उन्हें दोषी पाया गया है. EOU SIT के अनुसार, पेपर लीक कांड केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के तत्कालीन अध्यक्ष सह पूर्व DGP SK सिंघल की लापरवाही और नियमों एवं मानकों की प्रत्यक्ष अनदेखी की वजह से हुआ है.

ईओयू ने डीजीपी के गुनाह पर क्या बताया
EOU SIT ने बताया है कि इतने महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए उन्होंने अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया जिसकी वजह से सुनियोजित तरीके से एक संगठित आपराधिक गिरोह के स्तर से पेपर लीक की घटना को अंजाम दिया गया. इस कांड में SK सिंघल की भूमिका संदेह के दायरे में पाते हुए अनुशासनिक कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्यों उपलब्ध पाए गए हैं. इसके मद्देनजर EOU के ADG ने राज्य के DGP को तमाम सबूतों को प्रस्तुत करते हुए संजीव कुमार सिंघल के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही प्रारंभ करने की अनुशंसा करते हुए आठ पेज की पूरी जांच के साथ एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है.

एसआईटी ने अपनी जांच में क्या पाया
हालांकि, SIT ने जांच में पाया कि तत्कालीन अध्यक्ष के खिलाफ आपराधिक गतिविधि से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं, परंतु दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण चेन ऑफ कस्टडी की गोपनीयता और सत्यनिष्ठा को बनाए रखने के लिए निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई है. इस कारण पेपर लीक हुआ और लोगों को इतनी फजीहत हुई इस वजह से इनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई है. अब इस अनुशंसा को मद्देनजर डीजीपी और राज्य सरकार को अंतिम रूप से निर्णय लेना हैं.

पूरा मामला भी समझ लीजिये
बता दें कि बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए 27 अप्रैल 2023 को वैकेंसी निकाली गई थी जिसमें 21391 पदों पर भर्ती होनी थी. इसके लिए 20 जुलाई 2023 तक आवेदन मंगवाए गए थे, जिसमें 37 लाख कैंडिडेट्स ने आवेदन किया था. इनमें से 18 लाख फॉर्म को सेलेक्ट किया गया था. उस वक्त पूर्व डीजीपी एसके सिंघल केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के तत्कालीन अध्यक्ष भी थे. इन पर सिपाही बहाली के लिए परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक के लिए मोटी रकम लेने का आरोप लगा था. इन पर प्रिंटिंग प्रेस के मलिक से कमिशन के रूप में रकम लेने का आरोप लगा था. ईओयू ने कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की है उसमें इसका जिक्र किया गया है.

एसके सिंघल के बैंक खातों की जांच
यहां यह भी बता दें कि 2023 में सिपाही भर्ती का विज्ञापन के बाद एग्जाम के लिए तैयार किए गए सभी सेट के आंसर की लीक हो गए थे. 24 जिलों में 75 से अधिक एफआईआर दर्ज किए गए थे. 150 से अधिक आरोपियों को तब गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष टीम बनाई थी. बता दें कि जांच टीम पूर्व डीजीपी और तात्कालिक अध्यक्ष के अकाउंट्स और उनकी पत्नी सुनीता सिंगल के बैंक खातों को भी खंगाल रही है.