सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के निवासी जय झा ने मुम्बई में आयोजित जी टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो ‘सारेगामापा’ में अपनी शानदार प्रस्तुति से खूब सराहना प्राप्त की है. शो में टॉप-12 में जगह बनाने के बाद जय झा अपने पैतृक गांव सौरबाजार प्रखंड के रहुआ कबैला पहुंचे. उनके आगमन की खबर से गांव और पूरे सहरसा में हर्ष का माहौल है और लोग उन्हें एक नजर देखने के लिए बेताब हैं.
जय झा ने ‘सारेगामापा’ का ऑडिशन पास करने के बाद शो के विभिन्न राउंड्स में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. मुम्बई में 4 से 7 तक के ऑडिशन राउंड में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद वे टॉप-12 में जगह बनाने में सफल रहे. इस दौरान उन्होंने महिषी प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिरों में पूजा अर्चना की, जिनमें गरीबनाथ महादेव मंदिर भी शामिल था. जय झा का भव्य स्वागत करने के लिए गांव में एक जश्न का माहौल था और उनके स्वागत में गाड़ियों का काफिला भी देखा गया.
यहां से हुई सफर की शुरुआत
जय झा के संगीत यात्रा की शुरुआत सहरसा के पंचगछिया निवासी सोहन झा से हुई. इसके बाद, उन्होंने सहरसा के रजनीकांत झा उर्फ रमन बाबू से तीन साल तक संगीत की शिक्षा ली. इसके बाद, जय झा बनारस पहुंचे, जहां उन्होंने आदित्य विजय भंडारी के सानिध्य में छह वर्षों तक संगीत की शिक्षा ग्रहण की. बनारस में ही उन्होंने जी टीवी के रियलिटी शो ‘सारेगामापा’ के लिए चयनित होकर अपने सफर की शुरुआत की.
शनिवार और रविवार को रात 9 बजे ज़ी टीवी पर
जय झा ने साइलेंट ऑडिशन से लेकर विभिन्न राउंड्स तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और अंततः मुम्बई में टॉप-12 में जगह बनाई. शो की प्रसारण शुरू हो गई है और जय झा की प्रस्तुति हर शनिवार और रविवार को रात 9 बजे ज़ी टीवी पर देखी जा सकती है.
जय झा ने अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिसे उन्होंने कई सालों की मेहनत और संघर्ष के बाद प्राप्त किया है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया और भविष्य में बड़े संगीत प्रोजेक्ट्स और फिल्मी गानों पर काम करने की इच्छा जताई.