यदि बहन आपकी संपत्ति में अपना हिस्सा नहीं लेना चाहती तो इसके लिए दूसरे रास्ते मौजूद हैं। ये बातें रविवार को जिला बंदोबस्त पदाधिकारी फिरोज अख्तर ने बताई।
बंदोबस्त पदाधिकारी ने कहा कि वंशावली बहनों के नाम के बिना अधूरी मानी जाएगी। बंदोबस्त कार्यालय की जांच में उनका नाम शामिल कर ही लिया जाएगा, इसलिए बहनों का नाम छुपाने का कोई फायदा नहीं है। हां, जिन परिवारों में बहन पिता की संपत्ति में अपना हिस्सा नहीं लेना चाहती, उन परिवारों को अपना शेड्यूल बनाकर देना होगा और बहन शिविर कार्यालय में लिखित रूप से यह देंगी कि उन्हें पिता की संपत्ति से कोई मतलब नहीं है, इसलिए खतियान भाइयों के नाम पर ही बनाया जाये। ऐसा होता है तो फिर नया खतियान भाइयों के नाम पर ही बनेगा।
बंदोबस्त पदाधिकारी ने बताया कि विशेष भूमि सर्वेक्षण में आपके द्वारा जो भी दस्तावेज उपलब्ध कराया जायेगा, उसकी जांच बंदोबस्त कार्यालय कर लेगा। इसलिए किसी भी दस्तोज का मूल में होना या अभिप्रमाणित होना आवश्यक नहीं है।
नगर निकाय में आंशिक रूप से शामिल गांवों की तिथि तय
बंदोबस्त कार्यालय ने मुशहरी समेत अन्य प्रखंडों के नगर निकायों में आंशिक रूप से शामिल गांवों के बचे हिस्से में सर्वे की तिथि निर्धारित कर दी है। नगर विकास विभाग से मार्गदर्शन के लिए इन गांवों की तिथि पहले घोषित नहीं की गई थी। बंदोबस्त पदाधिकारी ने बताया कि निकाय से शेष बचे गांव के अंश में ग्रामसभा का आयोजन उसी तरह होगा, जैसे दूसरे गांवों में किया जा रहा है। ग्रामसभा के आयोजन के 45 दिन के अंदर प्रपत्र भरकर रैयतों को जमा करना है, हालांकि यह तिथि आगे भी बढ़ने वाली है, इसलिए रैयतों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
