मधेपुरा में यादव महासभा के शताब्दी समारोह में एक युवक की जमकर पिटाई कर दी गई। दरअसल, जाप सुप्रीमो पप्पू यादव जिले के बीएन मंडल स्टेडियम में यादव महासभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान युवक ने मंच के आगे आकर जाप सुप्रीमो के सामने लालू यादव जिंदाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया।
जाप सुप्रीमो और उनके समर्थकों ने पहले तो युवक को मंच से ही शांत करने की कोशिश की। जब युवक शांत नहीं हुआ तो पप्पू यादव नाराज होकर माइक फेंक दिया। फिर मंच से जाने लगे। समर्थकों ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वे कार्यक्रम छोड़कर चले गए।
इसके बाद उनके समर्थकों ने नारा लगा रहे युवक की जमकर पिटाई कर दी। जिससे मंच के सामने अफरा-तफरी का माहौल हो गया। इस दौरान एक-दो लोग उस युवक को बचाव करते भी दिखे। हालांकि, वह युवक कौन था और उसने लालू के नारे क्यों लगाए इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।
बता दें कि जन अधिकार पार्टी की ओर से मधेपुरा में महासभा के शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें सभी पार्टियों के यादव नेताओं को शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया गया। इनमें लालू यादव और तेजस्वी यादव भी आमंत्रित थे, लेकिन दोनों नहीं पहुंचे।
यादव महासभा को जब स्थानीय पूर्व सांसद सह जाप सुप्रीमो पप्पू यादव लोगों को संबोधित कर रहे थे कि इस बीच सुपौल के पिपरा विधानसभा के पूर्व राजद विधायक रघुवंश यादव के समर्थकों ने पप्पू यादव का विरोध करते हुए लालू यादव जिंदाबाद का नारा लगाने लगे। जिससे नाराज जाप सुप्रीमो पप्पू यादव मंच से माइक फेककर नीचे उतर गए।
वहीं आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर रहे युवक की जमकर धुनाई कर दी। कार्यक्रम के दौरान घंटों लोग आपस में मारपीट करते रहे बाद में मामले को शांत कराया गया। दरअसल मधेपुरा में यादवों को आगामी चुनाव में एकजुट करने के लिए यादव महासभा का आयोजन अखिल भारतीय यादव महा सभा के बैनर तले किया गया था लेकिन कार्यक्रम के दौरान हीं अफरातफरी मच गयी।. हालांकि पप्पू यादव ने पहले तो युवक को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन जब वे शांत नहीं हुए तो वे माइक रखकर मंच से जाने लगे, मंच पर मौजूद लोगों ने पप्पू यादव को मनाने की भरसक कोशिश भी की, लेकिन वे माइक फेंककर मंच से नीचे उतर गए।
इसके बाद थोड़ी देर के लिए मंच के समीप भगदड़ मच गया, पप्पू यादव के समर्थकों ने उस युवक की फिल्मी स्टाइल में जमकर पिटाई कर दी. बाद में मौजूद लोगों ने उस को भीड़ से बचा कर मंच पर ले गए, कार्यक्रम में नहीं पहुंचे लोग, खाली रह गई ज्यादातर कुर्सियां .बता दें कि यादव महासभा के शताब्दी समारोह की तैयारी काफी दिनों से की जा रही थी, आयोजक मंडल की ओर से कार्यक्रम में लगभग एक लाख लोग के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन पंडाल में लगी आधे से अधिक कुर्सियां खाली पड़ी रह गई. पूरे कार्यक्रम में अव्यवस्था चरम पर था मंच पर भी अफरातफरी का माहौल रहा.वहीं कार्यक्रम में भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव भी पहुंचे थे हंगामे के मामला को शांत करने के लिए गाना भी प्रारंभ किया लेकिन मामला उलझता चला गया जिसके बाद कार्यक्रम बंद कर दिया गया.
कई यादव नेताओं को किया गया था आमंत्रित
महासभा को लेकर जिला संरक्षक जयकांत यादव ने पहले बताया था कि महासभा में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, मंत्री तेजप्रताप यादव, बीजेपी नेता नंदकिशोर यादव, पूर्व सांसद पप्पू यादव, सांसद राम कृपाल यादव समेत कई यादव नेताओं को आमंत्रित किया गया था।
उन्होंने कहा कि यादव महासभा के शताब्दी समारोह में लगभग एक लाख लोग शामिल होने वाले थे। इसके लिए बीएन मंडल स्टेडियम में भव्य पंडाल का निर्माण किया गया था। पूरे शहर में जगह-जगह तोरण द्वार लगाया गया था।
पूरे पंडाल में मची भगदड़।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी यादव महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गोरे लाल यादव ने बताया था कि यह कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा। यह हमारा शताब्दी समारोह का साल चल रहा है। 1923 में अखिल भारतीय यादव महासभा की स्थापना हुई थी।
100 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में महासभा का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। पूर्णिया में 2022 में प्रथम शताब्दी वर्ष मनाया गया। इसके बाद 27 नवंबर को मधेपुरा में शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है।