Kosi Live-कोशी लाइव Purnia:थानेदार मनीष गोलीकांड मामले में SIT जांच की मांग:पप्पू यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल, कहा- केस की लीपापोती नहीं होने देंगे - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Friday, June 9, 2023

Purnia:थानेदार मनीष गोलीकांड मामले में SIT जांच की मांग:पप्पू यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल, कहा- केस की लीपापोती नहीं होने देंगे

Kosilive Purnea Bihar News:
पूर्णिया के मधुबनी टीओपी के थानेदार मनीष चंद्र यादव पर गोली दागने के मामले में जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए SIT जांच की मांग की है। पप्पू यादव ने कहा है कि दरोगा पर गोली दागे जाने के मामले में वे सीएम नीतीश कुमार से बात कर SIT जांच की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे इस केस की लीपापोती होने नहीं देंगे। क्योंकि गोली एक थानेदार पर ही नहीं चली बल्कि एक होनहार और ऑनेस्ट ऑफिसर पर चली है। ये केस सुशासन पर सवाल है।

इस बाबत जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने पूर्णिया रेंज के आईजी सुरेश प्रसाद चौधरी से भी बात कर इस केस की निष्पक्ष जांच की मांग की। शहर के जेल रोड़ स्थित अर्जुन भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया में जिस तरीके से एक पुलिस वाले पर गोली चलाई गई है। ये गोली एक अकेले पुलिस वाले पर नहीं चली। बल्कि ये गोली डिपार्टमेंट पर चलाई गई है। जो ये बताता है कि बिहार में अपराधी किस कदर बेखौफ हो चले हैं। इनके भीतर अब खाकी का भी डर नहीं रहा।

जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने कहा कि पुलिस ने जिसे बदमाश बताकर इस बिनाह पर पकड़ा है कि उसके घर से गोली और देसी कट्टा मिला है। हकीकत ये है कि थानेदार मनीष के शरीर से .765 एमएम की गोली निकाली गई। जबकि युवक के पास से 315 एमएम की गोली मिली है। घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज बताता है बदमाश बगैर कार से उतरे गोली चलाते हैं। जब मनीष कार की ड्राइविंग शीट पर बैठे थे। बाइक सवार बदमाश बाई ओर थे तो गोली मनीष के दाईं ओर की छाती के पास जाकर कैसे लगी। कार में तीन लोग थे। इसमें दूसरा व्यक्ति मनीष के बगल में आगे वाली सीट पर क्यों नहीं बैठा।दोनों ही लोग आखिर कार की पीछे वाली सीट पर जाकर क्यों बैठे। गोली सिर्फ मनीष पर ही क्यों चलाई गई। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक वे संदिग्ध मानकर अपराधियों का पीछा कर रहे थे। फिर कार में तीन लोग सवार थे। गोली सिर्फ एक पर ही क्यों चलाई गई।

जिस वक्त ये सारा घटनाक्रम हुआ कार में खुद मधुबनी टीओपी थानाध्यक्ष मनीष चंद्र यादव और दुसरा मरंगा थाना के अपर थानाध्यक्ष जितेंद्र राणा मौजूद थे। दो पुलिस वालों के बीच तीसरा युवक मोनू क्या कर रहा था। जबकि वे एक ऑपरेशन के तहत अपराधियों की धड़पकड़ के लिए निकले थे। दो पुलिस वालों के बीच एक आम युवक का क्या काम था। एक प्रतिष्ठित प्रिंट मीडिया ग्रुप के डिजिटल प्लेटफार्म के मुताबिक मोनू थानाध्यक्ष मनीष चंद्र यादव के साथ हर पल रहता था। इस युवक ने थानेदार की पत्नी को तीन बार 3 अलग -अलग बातें बताई। इससे साफ है पुलिस इस मामले की लीपापोती कर रही है। मगर वे ऐसा होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा लोग जानना चाहते हैं कि दरोगा को गोली किसने और क्यों मारा। इसके पीछे की असल वजह क्या है। समय के साथ ये केस कॉम्प्लिकेटेड होता जा रहा है।