लोजपा (रामविलास) युवा शाखा के जिलाध्यक्ष प्रशांत झा ने पुलिस पर गाड़ी में स्क्रैच लगने मामले में बिना जांच-पड़ताल किए अपहरण का मामला दर्ज करने का आरोप लगाया है। युवा जिलाध्यक्ष प्रशांत झा ने नवरतन हाता स्थित आवास पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जब एक सामान्य परिवार का व्यक्ति सामाजिक कार्यों में हिस्सेदारी बढ़ाता है तो किस तरह उसे दबाया जाता है,उसका मनोबल तोड़ा जाता है,इसका उदाहरण 1 जून की घटना है।
1 जून की रात की घटना का जिक्र करते हुए श्री झा ने कहा कि वह एक साधारण सा मामला था जिसमें उनकी गाड़ी में स्क्रैच लगा और उसके बाद मामूली झगड़ा हुआ। लेकिन, पुलिस-प्रशासन के द्वारा बिना किसी जांच-पड़ताल और बिना किसी पूछताछ के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। इधर,सहायक खजांची हाट थाना के थानाध्यक्ष रंजीत महतो ने बताया कि पीड़ित के अपहरण संबंधी आवेदन देने के बाद मामला दर्ज किया गया। पुलिस इस केस में चार्जशीट दायर करेगी। प्रशांत ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी के युवा शाखा के जिलाध्यक्ष होने के नाते वे हमेशा से सामाजिक कार्यों में लगे रहते हैं।
लेकिन,उनकी और पार्टी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया इस मामले के शिकायतकर्ता के द्वारा बाद में यह स्वीकार किया गया कि उस व्यक्ति का अपहरण नहीं हुआ था जबकि वे स्वेच्छा से जिलाध्यक्ष प्रशांत झा की गाड़ी में बैठकर गाड़ी में हुए नुकसान की भरपाई करने गया था। शिकायतकर्ता के ही बयान पर उन्हें अदालत से जमानत मिली है और शिकायतकर्ता ही उनके बेलर भी बने हैं। इस मौके पर युवा लोजपा (रामविलास) के महानगर अध्यक्ष शिवम साहनी आदि मौजूद थे।