Kosilive Supaul News:
सुपौल में बुधवार की शाम घर के बाहर कुछ किशोर खेल रहे थे। पुलिस की गश्ती गाड़ी वहां से गुजर रही थी। पुलिस को देखते ही किशोरों ने कहा कि देखो मामू की गाड़ी जा रही है। इतने में अंदर बैठे पुलिसकर्मियों ने सुन लिया और आग बबूला हो गए। सभी बच्चे तो भाग गए लेकिन मो. निजाम के पुत्र मो. नासिफ (12) वहां रह गया।
आरोप है कि पुलिस ने नासिफ को पहले पीटा फिर घसीटकर थाना ले गए और जेल में बंद कर दिया। मामला निर्मली अनुमंडल में नदी थाना क्षेत्र का है। नदी थाना की पुलिस पर परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब सभी लोगों ने थाना में जाकर किशोर को छोड़ने की बात की तो उनके साथ जमकर मारपीट की गई। घटना में किशोर की मां और चाची को चोट आई है। अनुमंडलीय अस्पताल में उनका इलाज चल रहा।
घायल महिला ने कहा कि पड़ोस के लड़के ने बताया कि हम लोग बाहर खेल रहे थे। पुलिस की गाड़ी आई तो सब मामू मामू कहकर चिल्लाने लगे। बाकी बच्चे तो भाग गए। मेरे लड़के को पुलिस ने पकड़ लिया। फिर पीट-पीटकर उसे लेकर थाना ले गए।
हम सभी लोग थाना गए और बेटे को छोड़ने की गुहार लगाने लगे। अंदर पुलिस बेटे को जमकर पीट रही थी। मैंने पूछा कि बेटे ने क्या किया है, उसे क्यों मार रहे तो वो और ज्यादा बच्चे को पीटने लगे। मेरा देवर बचाने गया तो उसे भी बेल्ट से जमकर पीटा। हम लोग बेटे को छोड़कर जैसे तैसे अपनी जान बचाकर भागे। यहां अस्पताल में इलाज करवा रहे।
किशोर को पकड़कर ले गई थी युवक।
स्थानीय लोगों कि मानें तो घटना को लेकर यहां पंचायत भी हुई थी। इसके बाद विवाद बढ़ता देख किशोर को छोड़ दिया गया। निर्मली अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर अखिलेश कुमार झा ने बताया कि पुलिस और पब्लिक की मारपीट में पांच जख्मी अस्पताल पहुंचे हैं। पुलिसकर्मी सिपाही रंजीत चौधरी, सिपाही मोहम्मद शहाबुद्दीन दोनों जख्मी हुए हैं। इसके अलावा दो महिला और एक किशोर चोटिल है। उनका इलाज किया गया है।
थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। मामले में बेवजह ही तूल दिया जा रहा है। जबकि सुपौल पुलिस अधीक्षक शैशव यादव ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। संज्ञान में आया है। अब जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।