रोहतास पुलिस के हैरतअंगेज कारनामे आए दिन सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन, इस बार पुलिस ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। यह खबर सासाराम नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
नगर थाना पुलिस ने एक मामले में ढाई साल पूर्व मरे हुए व्यक्ति को न सिर्फ जिंदा बताया, बल्कि उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र भी समर्पित कर दी। यही नहीं पुलिस के वरीय अधिकारी भी मरे हुए व्यक्ति पर आरोप सही पाते हुए कोर्ट में आरोप पत्र समर्पित करने के निर्देश देते रहे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी निवेदिता की अदालत में पुलिस से रिपोर्ट की मांग की। पुलिस ने जो रिपोर्ट सौंपी, वह काफी चौंकाने वाली थी। इसके बाद न्यायालय ने गया के एसएसपी आशीष भारती (पूर्व में रोहतास एसपी) के अलावा डीएसपी सासाराम संतोष कुमार राय को कारणपृच्छा नोटिस जारी किया है और उन्हें बताने को कहा है कि किस नियम और किन परिस्थितियों में मरे हुए व्यक्ति के विरुद्ध आपने आरोप पत्र समर्पित करने का निर्देश दिया। वहीं कोर्ट ने नगर थानध्यक्ष सासाराम संजय कुमार सिन्हा और केस के अनुसंधानकर्ता विजय कुमार को भी पत्र जारी कर न्यायालय में सदेह उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है।
बताया जाता है कि सासाराम नगर थाना कांड संख्या 270/19 में 17 लोगों के विरुद्ध 31 मार्च 2019 को नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले में पुलिस ने अनुसंधान प्रारंभ किया व 15 आरोपितों के विरुद्ध 31 दिसंबर 2022 को आरोप पत्र समर्पित किया। मामले में सीजेएम की अदालत ने संज्ञान लेते हुए केस को ट्रायल के लिए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी निवेदिता की अदालत में भेज दिया।
इसी बीच बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता द्वारा एक आवेदन दायर कर कोर्ट को बताया गया कि मामले के एक आरोपित सुदामा महतो उर्फ सुदामा कुमार मौर्य मोहल्ला खिलनगंज सासाराम की 30 जुलाई 2020 को मौत हो गई है। इस पर कोर्ट ने नगर थानाध्यक्ष से रिपोर्ट की मांग की और इसकी कॉपी एसपी को भी भेजी थी। पुलिस द्वारा 2 अप्रैल 2023 को न्यायालय को रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें बताया गया कि आरोपित सुदामा महतो उर्फ सुदामा कुमार मौर्य की मृत्यु 30 जुलाई 2020 को ही हुई है।
इसके बाद कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूछा है कि जब आरोपित सुदामा की 30 जुलाई 2020 को मौत हुई है तो नगर थाना पुलिस द्वारा किन प्रावधान और परिस्थितियों में न्यायालय में आरोप पत्र सुदामा की मृत्यु के करीब ढाई साल बाद दिया गया। जबकि आरोप पत्र देने के पूर्व न्यायालय द्वारा आरोपित का नाम, उम्र, पिता का नाम, अपराधिक इतिहास और अभियुक्त जिंदा है या मर गया का सत्यापन जरूरी होती है।
कोर्ट का कहना है कि पूर्व एसपी आशीष कुमार भारती और वर्तमान सासाराम डीएसपी संतोष कुमार राय ने भी टेबल वर्क किया और कर्तव्यों का पालन नहीं कर लापरवाही पूर्वक मृत व्यक्ति के विरुद्ध केस को सही पाया और आरोप पत्र समर्पित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पूरे मामले में कार्रवाई के लिए वरीय पुलिस पदाधिकारी को पत्र जारी करने का भी आदेश दिया है।