पटना। बिहार विधानसभा के चुनाव में तीसरे और अंतिम चरण के लिए 7 नवम्बर को मतदान होना है। तीसरे चरण में सहरसा (Saharsa) की चार विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी हैं उनमें दो सीटें अपने उम्मीदवारों के चलते हॉट सीट में बदल चुकी हैं। सहरसा और सिमरी बख्तियारपुर सीट पर दो दिग्गजों की साख दांव पर लगी है।
चार विधानसभा सीटों में सहरसा, महिषी व सिमरी बख्तियारपुर सीट राजद के कब्जे में है। सोनवर्षा सीट जेडीयू के कब्जे में है। खास बात ये है कि इन सीटों पर टिकट न मिलने से नाराज बागियों के मैदान में उतरने से समीकरण डगमगाते नजर आ रहे हैं।
सिमरी बख्तियारपुर पर सबकी नजर
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के मुकेश सहनी के चलते सिमरी बख्तियारपुर सीट हॉट सीट में शुमार है।
सहरसा में होगी बाहुबली की परीक्षा
सहरसा में बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद के आने से मुकाबला रोमांचक हो गया है। कई बार पार्टियां बदल चुकी लवली इस बार राजद के टिकट पर मैदान में हैं। सहरसा की महिषी विधानसभा कभी आनंद मोहन का क्षेत्र हुआ करती थी। यही वजह है कि जिले की ही सीट से पत्नी को आनंद मोहन की पत्नी को उतारकर राजद ने दांव चला है। खास बात है कि चुनाव से कुछ दिन पहले ही राजद में शामिल होने वाली लवली आनंद को राजद ने अपने सिटिंग विधायक का टिकट काटकर उम्मीदवार बनाया है। लवली आनंद के बहाने राजद यहां सवर्ण वोटों में सेंध लगाने की कोशिश में है जिसका सिर्फ इसी सीट ही नहीं बल्कि आस पास की सीटों पर भी असर होगा। भाजपा ने सहरसा से अपने पूर्व विधायक और पार्टी नेता आलोक रंजन को एक बार फिर मैदान में उतारा है। आलोक रंजन यहां से इस सीट पर भाजपा और राजद दोनों के लिए बागी मुश्किल बने हुए हैं।
महिषी में बागी पर नजर
महिषी सीट पर चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। महिषी से राजद विधायक अब्दुल गफूर की 6 महीने पहले मौत हो गई थी। इस सीट पर उनके बेटे अब्दुल रज्जाक टिकट के दावेदार थे लेकिन राजद ने गौतम कृष्ण को अपना उम्मीदवार बनाया है। टिकट न मिलने से नाराज अब्दुल रज्जाक ने लोजपा का दामन थाम लिया और अब चुनाव मैदान में हैं। वहीं जेडीयू ने गुंजेश्वर शाह को प्रत्याशी बनाकर दांव चला है। शाह पहले विधायक रह चुके हैं। फिलहाल महिषी सीट पर तीनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबला बताया जा रहा है।
सोनवर्षा में त्रिकोणीय मुकाबला
सोनवर्षा में जेडीयू ने तीन बार के विधायक रत्नेश सादा पर एक बार फिर जीत का दांव चला है। महागठबंधन में ये सीट कांग्रेस के हिस्से में गई है जिसने तारिणी ऋषिदेव को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं लोजपा ने सरिता पासवान को टिकट देकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। लोजपा का प्रत्याशी अगर यहां मजबूत साबित होता है तो जेडीयू उम्मीदवार की हैट्रिक लग पाना आसान नहीं होगा।
