सुपौल। प्रखंड अंतर्गत चिलौनी उत्तर पंचायत के वार्ड नंबर 10 रजक टोला निवासी किशुन देव रजक उर्फ गौरी की हत्या शनिवार की रात पंजाब में कर दी गई है। सोमवार की रात पंजाब से एंबुलेंस से शव को घर लाया गया। शव के आते ही घर में कोहराम मच गया।
लोगों के बीच चर्चा थी कि कौन जानता था कि लॉकडाउन खुलने के बाद रोजी-रोटी के लिए पंजाब गए किशुन का शव घर आएगा। मृतक अपने पीछे पत्नी सहित दो बेटे मुकेश कुमार (13), रूपेश कुमार (8) और पुत्री बुधनी (16) को छोड़ गए हैं। रोते-बिलखते स्वजन ने बताया कि वे 30 वर्षों से रोजी रोटी के लिए पंजाब जा रहे थे। वह पंजाब के बडनाला पिड तनोला में काम करते थे। कोरोना संक्रमण को लेकर लॉकडाउन के समय घर आ गए थे। 27 अगस्त को फिर पंजाब चले गए। रविवार की सुबह वहां से प्रतापगंज थाना क्षेत्र के ही श्रीपुर पंचायत के उपेंद्र यादव का फोन मृतक के बड़े भाई श्रीलाल रजक के पास आया कि आपके भाई किशुन देव की शनिवार की रात में अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है। मकान मालिक ने हत्या का मामला थाना में दर्ज करवाया है। पोस्टमार्टम बाद एंबुलेंस से शव को घर भेजा गया। थानाध्यक्ष प्रभाकर भारती भी घटना की सूचना पाकर पीड़ित परिवार के घर जा घटना की जानकारी ली। शव आने की सूचना पर पंचायत के मुखिया राजेंद्र यादव, पूर्व मुखिया अनिल यादव, पूर्व उप प्रमुख अमोल भारती, प्रदीप बसेदार आदि भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।