सुपौल जिले में अलग-अलग जगहों पर डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। मौत की खबर सुनकर दोनों परिवार में कोहराम मच गया। पहली घटना किशनपुर उत्तर पंचायत की है।
पिपराखुर्द निवासी धनिक लाल कामत का पुत्र संतलाल कुमार (8) अपने नाना हरेराम के घर आया था। सोमवार की दोपहर तीन बजे घर में बिना किसी को बताए वह पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर पानी में नहाने चला गया। शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो नाना हरेराम कामत ने उसके लापता हो जाने की सूचना पुलिस को दी। मंगलवार की सुबह लगभग 7 बजे कुछ ग्रामीणों ने पूर्वी कोसी तटबंध के किनारे संतलाल की पैंट और बनियान देखा तो तुरंत हरेराम को सूचना दी। सूचना मिलते ही हरेराम कामत वहां पहुंचा। इसके बाद ग्रामीण पानी में बालक को खोजबीन करने लगे। कुछ देर के बाद संतलाल के शव को पानी से बाहर निकाला गया।
वहीं कमरैल पंचायत में बाढ़ के पानी में डूबने से एक बालिका की मौत हो गई। बताया जाता है कि विनोद यादव के घर के पास जेसीबी मशीन से काटकर गड्ढा बनाया गया है। इसमें बाढ़ का पानी जमा है। मंगलवार को विनोद यादव की पुत्री रंजन कुमारी (7) अन्य बच्चों के साथ वहां बाढ़ का पानी देख रही थी। इसी क्रम में वह पानी भरे गड्ढे में गिर गई। इसके बाद बच्चों ने शोर मचाया। तब आसपास के लोग वहां पहुंचे और बालिका को पानी से निकाल कर पीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने बालिका को मृत घोषित कर दिया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। किशनपुर सीओ नवीन कुमार रस्तोगी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है। मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा दिया जाएगा।