सहरसा। थाना क्षेत्र के कचरा गांव में बुधवार को जबरन जमीन निबंधन कराने के विवाद में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मृतक के स्वजनों ने बताया कि मृतक उपेन्द्र सादा को गांव के मुन्ना कुमार, बसंत साह, मनोहर सादा समेत अन्य लोग दिन के दो बजे रास्ते से ही मोटरसाइकिल पर जबरन बैठाकर बासडीह की जमीन का निबंधन कराने सहरसा ले गये।
जमीन का निबंधन नहीं करने के कारण उक्त उपेन्द्र सादा की सहरसा में कहीं हत्या कर अस्पताल के एंबुलेंस से रात आठ बजे शव का गांव कचरा भेज दिया। स्वजनों ने बताया कि जब एंबुलेंस घर आया तो हमलोग शव देखकर कोहराम मच गया। बाद में स्वजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी गई। थाना अध्यक्ष जयशंकर प्रसाद ने बताया कि मृतक उपेन्द्र सादा काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। बीमारी के इलाज के कारण उनपर कर्ज हो गया था। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए अपनी जमीन बेचना चाह रहा थे। उसी जमीन का निबंधन करने को लेकर सहरसा गये हुये थे। जहां उनकी मौत हो गई। स्वजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। जिस कारण शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमोर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के कारण का खुलासा हो पाएगा।
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तीन बच्चों के सिर पर से उठा माता-पिता का साया
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सौरबाजार :थाना क्षेत्र के कचरा गांव निवासी उपेन्द्र सादा की मौत के बाद तीन बच्चों के सिर से से माता-पिता का साया उठने के बाद बच्चे अनाथ हो गये। अब इनका पालन-पालन कौन करेगा यह सवाल बन गया है। जानकारी के अनुसार कचरा निवासी उपेन्द्र सादा की मौत बुधवार को सहरसा में हो गयी। स्वजनों ने हत्या करने की बात कही है। वहीं मृतक की पत्नी की मौत दो वर्ष पहले हो चुकी है। मृतक को तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, हरजीत कुमार 12 वर्ष, संजनी कुमारी 8 वर्ष, सरजीत कुमार 6 वर्ष है, तीनों बच्चे की देखभाल की बड़ी समस्या हो गई है। आखिर बिना माता-पिता के ये बच्चों का पालन-पालन कैसे हो पाएगा। वहीं बच्चों को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था।
