शहीद दारोगा के पिता गोपाल प्रसाद सिंह, मां रूक्मणी देवी अब भी अपने पुत्र को याद कर फफक पड़ती है। लेकिन दिनेश मुनि की मौत ने गम को कुछ कम जरूर किया है। शहीद दारोगा के पिता ने कहा कि डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने जो वादा किया उसे पूरा कर दिखाया। उन्होंने कहा कि कुछ भी हो जाय मेरा बेटा तो वापस नही आएगा। परंतु मेरे बेटे के हत्यारे को उसके किए की सजा मिल गई। उन्होंने कहा कि मुझे पुलिस और सरकार से कोई शिकायत नही है। उन्होंने सरकार से मांग किया कि बिहार में पुलिस के पदाधिकारी और जवान को और अपडेट करने की जरूरत है। अपने पुत्र शहीद दारोगा की तस्वीर को हाथ में लिए उनकी मां के जुबान से तो कुछ नहीं निकला। परंतु आंखों से छलक पड़ा। पिता ने बताया कि शहीद दारोगा की पत्नी सरिता सिंह, पुत्र स्वजमान सिंह राठौर एवं पुत्री आर्या सिंह राठौर पटना में बेहतर शिक्षा के लिए रह रही है। स्जवनों ने बताया कि शहीद दारोगा के हत्यारे को मार गिराए जाने के बाद डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय पटना उन के आवास पर पहुंचकर परिजनों से मिले। वहीं बलवा ओपी अध्यक्ष हरेश्वर सिंह, सिमरी थाना अध्यक्ष रणवीर कुमार, पूर्व प्रमुख चित्रा सिंह, समाजसेवी शैलेन्द्र सिंह, सौरभ कुमार सिंह, सरडीहा मुखिया सुमन कुमार सिंह, चुन्नु कुमार सिंह,दिवाकर सिंह, संगम कुमार सिंह, शैलेन्द्र सिंह, राणा कुमार सिंह आदि ने शहीद दरोगा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्वांजलि दी। परिजनो ने बताया कि शहीद दारोगा को गलेन्ट्री अवार्ड के लिए बिहार सरकार के द्वारा अनुशंसा किया गया है।
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13 अक्टुबर 2018 को हुए थे शहीद
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पसराहा थाना के तत्कालीन थाना अध्यक्ष आशीष कुमार सिंह 13 अक्टूबर 2018 को बिहपुर दधैला दियारा में दिनेश मुनि को गिरफ्तार करने गये थे। जहां वे अपराधियों के साथ मुठभेड में शहिद हो गए थे। उस समय उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अपराधियों से लोहा लेते रहे। तीन भाइयों में तीसरे नंबर पर अशीष थे। उनके बड़े भाइ बिपुल कुमार सिंह देहरादून में इंजीनियर के पद पर हैं तो दूसरा भाई विजिलेंस में तैनात है। सरोजा के लोगों ने कहा कि जिस जाबांजी और दिलेरी का परिचय देते हुए सरोजा के लाल ने अपने प्राणों की आहुति दी उस पर गर्व है।
