गुरुग्राम से साइकिल पर बिठाकर अपने बीमार पिता को सिंहवाड़ा प्रखंड के सिरहुल्ली अपने गांव लेकर आयी ज्योति कुमारी के जीवनी पर जल्द ही फिल्म और वेब सीरीज बनेगी। फिल्म और वेब सीरीज दिल्ली की भागीरथी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड बनाएगी। कंपनी के प्रवक्ता महेंद्र सिंह ने बुधवार को मोबाइल फोन पर 'कोशी लाइव' से हुई बातचीत में इसकी पुष्टि की।
प्रवक्ता ने बताया कि ज्योति की कहानी चुनौतियों से भरी है। इसमें एक मजदूर की संघर्ष कथा है और साथ ही यह बहुत प्रेरक भी है। इस बारे में फिल्मकार विनोद कापड़ी ने बताया कि अभी हाल ही में उन्होंने सात मजदूरों के साथ गाजियाबाद से सहरसा की 1232 किलोमीटर की यात्रा की है। वे जानते हैं कि ये यात्राएं कितनी खतरनाक होती हैं। इस पर उनकी डॉक्यूमेंट्री जल्द ही आने वाली है। लेकिन ज्योति और मोहन पासवान की कहानी को वे अलग तरह से पेश करना चाहेंगे, क्योंकि इसमें पिता और पुत्री का संघर्ष है। कहानी को विस्तार से समझने के लिए वे जल्द ही दरभंगा आकर ज्योति और मोहन पासवान से भी मुलाकात करेंगे। इस संबंध में ज्योति के पिता मोहन पासवान ने बुधवार को विनोद कापड़ी की कंपनी बीएफपीएल के साथ एक अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करके फिल्म और वेब सीरीज बनाने की सहमति दे दी है। इसके तहत ज्योति पर बनने वाली फिल्म के सर्वाधिकार विनोद कापड़ी को दे दिए गए हैं। मौके पर विनोद कापड़ी के प्रतिनिधि के तौर पर उपस्थित डॉ. निर्भय शंकर भारद्वाज ने मोहन पासवान से मिलकर औपचारिकताएं पूरी की।
प्रवक्ता ने बताया कि ज्योति की कहानी चुनौतियों से भरी है। इसमें एक मजदूर की संघर्ष कथा है और साथ ही यह बहुत प्रेरक भी है। इस बारे में फिल्मकार विनोद कापड़ी ने बताया कि अभी हाल ही में उन्होंने सात मजदूरों के साथ गाजियाबाद से सहरसा की 1232 किलोमीटर की यात्रा की है। वे जानते हैं कि ये यात्राएं कितनी खतरनाक होती हैं। इस पर उनकी डॉक्यूमेंट्री जल्द ही आने वाली है। लेकिन ज्योति और मोहन पासवान की कहानी को वे अलग तरह से पेश करना चाहेंगे, क्योंकि इसमें पिता और पुत्री का संघर्ष है। कहानी को विस्तार से समझने के लिए वे जल्द ही दरभंगा आकर ज्योति और मोहन पासवान से भी मुलाकात करेंगे। इस संबंध में ज्योति के पिता मोहन पासवान ने बुधवार को विनोद कापड़ी की कंपनी बीएफपीएल के साथ एक अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करके फिल्म और वेब सीरीज बनाने की सहमति दे दी है। इसके तहत ज्योति पर बनने वाली फिल्म के सर्वाधिकार विनोद कापड़ी को दे दिए गए हैं। मौके पर विनोद कापड़ी के प्रतिनिधि के तौर पर उपस्थित डॉ. निर्भय शंकर भारद्वाज ने मोहन पासवान से मिलकर औपचारिकताएं पूरी की।
