सहरसा। जिला इमाम संघ के अध्यक्ष सह अनुमंडल मुख्यालय रानीबाग के जामा मस्जिद के इमाम हजरत मौलाना मुमताज रहमानी ने कहा कि दारूल उलुम देवबंद एवं अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं के द्वारा जारी फतवा का हवाला देते हुए बताया कि ईद की नमाज वाजिब है। इसके लिए वही शर्त है जो जमा की नमाज के लिए है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। अगर जिला प्रशासन ईद की नमाज ईदगाह या मस्जिद में पढ़ने की इजाजत नही देती है तो ऐसे हालात में बीमारी से बचने के लिए सभी लोग लॉकडाउन का पालन करना मजहबी फर्ज होगा। उन्होंने बताया कि अगर कोई अकेला है और उनके लिए ईद की नमाज पढ़ने की कोइ सूरत न बन सके तो उन्हें परेशान होने की जरूरत नही है। वे चाहे तो अपने घरों पर रहकर नमाज अदा कर सकते हैं। इससे उन्हें ईद के नमाज के बराबर शवाब मिल जाएगा।
लॉकडाउन में नमाज पढ़ने का तरीका
मौलाना ने कहा कि अलविदा जुमा की नमाज भी आम जुमा की नमाज की तरह पढ़ी जाय। ईद के नमाज के लिए नए कपड़े का होना जरूरी नही है। पुराने कपड़े से भी ईद की नमाज अदा कर सकते हैं। ईद की नमाज के लिए चार लोगों का होना जरूरी है।