मृतक के पारिवारिक सूत्रों ने स्व. भगत की मौत का जिम्मेवार अस्पताल प्रबंधक पर लगाकर कहा कि इलाज में लापरवाही से उसकी मौत के बाद शव को अस्पताल गेट के बाहर फेंक दिया गया। कोरोना संक्रमित की आशंका के भय से कोई भी व्यक्ति शव के नजदीक जा नही रहा था। इसी बीच एक मीडिया की नजर उस शव पर पड़ी।
इसकी खबर चैनल पर प्रसारित होते ही स्थानीय प्रशासन ने संज्ञान में लेकर शव का पता लगाने में जुट गई।
जांच कमेटी के सदस्य गौतम नगर के सीएमओ दीपक ओहरी एवं सीएचसी प्रभारी डॉ. सचेंद्र मिश्र ने मौके पर पहुंच घटना की जांच की। जांच रिपोर्ट के बाद डीएम के आदेश पर अस्पताल प्रबंधक और डॉक्टरों के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भेज दिया। पुलिस व जिला प्रशासन को रिपोर्ट का इंतजार है।
रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो पायेगा की मृतक की मौत कोरोना संक्रमण से हुआ है या अन्य बीमारी से। इधर परिवार के सदस्यों के साथ परेशानी यह है कि लॉकडाउन में शव को बिहार कैसे लाया जाय। इस घटना से मृतक के परिवार में मातमी सन्नाटा है। सभी सदस्यों का रोते रोते बुरा हाल है।
