मधेपुरा। प्रशासनिक स्तर पर क्वारंटाइन सेंटर में पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। लेकिन प्रशासन का यह दावा धरातल पर सचाई से कोसो दूर है। महानगरों से लौटे मजदूरों के रहने के लिए बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में न तो खाने पीने की व्यवस्था ही ठीक है और न ही सोने के लिए कोई इंतजाम ही किया गया है। दिल्ली,हरियाण और पंजाब से लौटे मजदूरों को मेडिकल टेस्ट के नाम पर पीएचसी में शाम के छह बजे से रात 11 बजे तक रखा गया। जांच कराने के लिए मरीज काफी देर तक भटकते रहे। प्रखंड क्षेत्र के चंदा,पैना, फुलौत, धनेशपुर , लौआलगान आदि जगहों के मजदूर मु. गुलजार,नसीर आलम, मु. गुफरान, मनीष कुमार, अखिलेश कुमार आदि ने बताया कि उनलोगों को चौसा पीएचसी से भटगामा स्कूल के क्वारंटाइन सेंटर में भेजा गया। जहां रहने की कोई व्यवस्था नहीं थी। खाना पीना का भी कोई इंतजाम नहीं था।