सहरसा। कोरोना वायरस को रोकने के लिए रेलवे ने यात्री कोच को ही आइसोलेशन वार्ड बना दिया है। पूर्व मध्य रेल अंतगर्त 208 यात्री कोचों को चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित क्वारंटाइन-आइसोलेशन वार्ड के रूप में तैयार किया जा रहा है। मिली जानकारी अनुसार अब तक 11 कोचों में 88 बेड उपलब्ध है। शेष 193 कोचों के रूपांतरण का कार्य अंतिम चरण में है। कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य क्षेत्र में रेलवे ने अपना योगदान देना शुरू कर दिया है। रेलवे बोर्ड ने कोरोना वायरस के फैलाव को देखते हुए पूर्व मध्य रेल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए शयनयान श्रेणी के 208 कोचों को क्वारंटाइन- आइसोलेशन वार्ड के रूप में रूपांतरित किया जा रहा है। स्लीपर कोचों को केबिन के रूप में विकसित किया जा रहा है। एक कोच में 8 बेड का निर्माण किया गया है। रेलवे के इन प्रयासों से न केवल कोरोना वायरस से लडाई में मजबूती आएगी बल्कि वायरस से लड़ने के राष्ट्रीय प्रयासों को भी बल मिलेगा।
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सहरसा में 6 कोच में बनाया जा रहा बेड
सहरसा स्टेशन पर 6 यात्री कोच में 48 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है। शुक्रवार को तीन कोच में 24 बेड बनकर तैयार हो गए। शेष कोचों में बेड बनाया जा रहा है। केबिन के रूप में बनाए गए इन क्वारंटाइन- आइसोलेशन वार्ड में सभी स्वास्थ्य उपकरणों से सुसज्जित किया गया है।
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पूर्व मध्य रेल के पांचो मंडलों में 208 यात्री कोचों में बनेगें 1664 बेड
-दानापुर मंडल में 55 कोच
-धनबाद मंडल में 45 कोच
- सोनपुर मंडल में 37 कोच
- समस्तीपुर मंडल में 22 कोच
-पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 20 कोच
-सवारी डिब्बा मरम्मत कारखाना हरनौत में 29 कोच
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पूर्व मध्य रेल में अब तक 100 बेड को स्वास्थ्य उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। शेष बेड का निर्माण कार्य चल रहा है। प्रतिदिन यात्री कोच में क्वारंटाइन-आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है। इससे कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार पर रोक लगेगा।
राजेश कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्व मध्य रेल