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मधेपुरा। प्रखंड का सिंहेश्वर पंचायत का रामपट्टी गांव को ग्रामीणों ने लॉक कर दिया गया है। न कोई बाहरी आ सकता है ना ही कोई ग्रामीण बाहर जा सकता है। ग्रामीणों ने गांव में प्रवेश करने वाला मुख्य सड़क पर बांस लगा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस गति से कोरोना वायरस का कहर फैल रहा है इससे सभी लोग डरे हुए हैं। गांव से बाहर निकलने और गांव आने के रास्ते में बैरियर लिया गया है। बिना जांच के बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। वहीं रामपट्टी के युवकों में बैरियर लगाकर बाहर से आए लोगों को रोककर पहले उसे अस्पताल जाकर जांच करवाने की सलाह देते हैं। उसके बाद ही वह गांव में आकर अपने परिवार के साथ रह सकते हैं। स्थानीय युवक मनु बुआ सिंह, बमबम सिंह, अंकित सिंह, सुजीत उर्फ टुनटुन सिंह, बीडी सिंह, सुजय सिंह ने बताया कि गांव होकर अन्य गांव जाने का भी रास्ता है। वहीं जो दिल्ली और पंजाब या अन्य बाहर किसी जगह से आते हैं उनको हम लोग पहले अस्पताल जाने के लिए कहते हैं। क्योंकि हमारे क्षेत्र में तो कम लेकिन बाहर के क्षेत्रों में कोरोना का कहर ज्यादा है। हो सकता है उधर से कोई पॉजिटिव होकर आ जाए और गांव समाज में इसको फैलाए। गांव में बीमारी न फैले एहतियात बरती जा रही है। अगर आसपास के लोग भी गांव किसी काम से आते हैं तो गांव के बाहर ही लगे बैरियर के पास ही डेटॉल से हाथ धुलवाकर पूरी तरह सैनिटाइज कर गांव में प्रवेश करने दिया जाता है।
मधेपुरा। प्रखंड का सिंहेश्वर पंचायत का रामपट्टी गांव को ग्रामीणों ने लॉक कर दिया गया है। न कोई बाहरी आ सकता है ना ही कोई ग्रामीण बाहर जा सकता है। ग्रामीणों ने गांव में प्रवेश करने वाला मुख्य सड़क पर बांस लगा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस गति से कोरोना वायरस का कहर फैल रहा है इससे सभी लोग डरे हुए हैं। गांव से बाहर निकलने और गांव आने के रास्ते में बैरियर लिया गया है। बिना जांच के बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। वहीं रामपट्टी के युवकों में बैरियर लगाकर बाहर से आए लोगों को रोककर पहले उसे अस्पताल जाकर जांच करवाने की सलाह देते हैं। उसके बाद ही वह गांव में आकर अपने परिवार के साथ रह सकते हैं। स्थानीय युवक मनु बुआ सिंह, बमबम सिंह, अंकित सिंह, सुजीत उर्फ टुनटुन सिंह, बीडी सिंह, सुजय सिंह ने बताया कि गांव होकर अन्य गांव जाने का भी रास्ता है। वहीं जो दिल्ली और पंजाब या अन्य बाहर किसी जगह से आते हैं उनको हम लोग पहले अस्पताल जाने के लिए कहते हैं। क्योंकि हमारे क्षेत्र में तो कम लेकिन बाहर के क्षेत्रों में कोरोना का कहर ज्यादा है। हो सकता है उधर से कोई पॉजिटिव होकर आ जाए और गांव समाज में इसको फैलाए। गांव में बीमारी न फैले एहतियात बरती जा रही है। अगर आसपास के लोग भी गांव किसी काम से आते हैं तो गांव के बाहर ही लगे बैरियर के पास ही डेटॉल से हाथ धुलवाकर पूरी तरह सैनिटाइज कर गांव में प्रवेश करने दिया जाता है।
