कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
मधेपुरा। सिंहेश्वर महाशिवरात्रि मेले में श्रद्धालुओं को मनोरंजन का ट्रिपल डोज मिलेगा। 21 मार्च से शुरू होने वाले महाशिवरात्रि मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालु पूजा करने के साथ पर्यटन विभाग के सिंहेश्वर महोत्सव एवं कला संस्कृति विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। महाशिवरात्रि मेले का उद्घाटन 21 मार्च को प्रमंडलीय आयुक्त करेंगे। वहीं सिंहेश्वर महोत्सव का 23 फरवरी को राज्य के पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि उद्घाटन करेंगे। स्थानीय मवेशी हाट मैदान में आयोजित होने वाले सिंहेश्वर महोत्सव के लिए स्थानीय कलाकारों व ख्याति प्राप्त कलाकारों का चयन किया जा चुका है। महोत्सव इस बार 12 दिनों तक चलेगा।
23 से 25 फरवरी तक विपिन सचदेवा एवं अन्य कलाकारों का कार्यक्रम होगा। वहीं 26 फरवरी से छह मार्च तक रामायण मंचन होगा। पर्यटन विभाग एवं कला संस्कृति विभाग के द्वारा सिंहेश्वर महोत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अलग अलग कुल 38 लाख रुपये आवंटित किया गया है। पर्यटन विभाग ने सिंहेश्वर महोत्सव के लिए 28 लाख रुपये का आवंटन दिया है। वहीं कला संस्कृति विभाग ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपया का आवंटन दिया है। यद्यपि अभी तक इसकी रूप रेखा तय नहीं की जा सकी है। 25 को होगा विपिन सचदेवा का कार्यक्रम 23 से 25 फरवरी तक सिंहेश्वर महोत्सव में सुर, लय और ताल की त्रिवेणी बहेगी। स्थानीय कलाकारों से लेकर बाहरी ख्याति प्राप्त कलाकारों की प्रस्तुति इस दौरान होगी। 23 फरवरी को सारेगामा की श्रेयसी चक्रवर्ती, पार्थो साहा के साथ मशहूर उद्घोषक एवं कॉमेडियन राजसागर की प्रस्तुति होगी। इससे पहले झांकी एवं स्थानीय कलाकारों का कार्यक्रम भी होगा। वहीं 24 फरवरी को सारेगामा की मधुरिमा वासु की प्रस्तुति होगी। 25 फरवरी को कई हिदी फिल्मों के गानों एवं कई भक्ति गानों को अपनी आवाज दे चुके विपिन सचदेवा का कार्यक्रम होगा। जुनून फिल्म के मिलते मिलते हसीन वादियों में, सनम वेबफा फिल्म के ओ हरे दुपट्टे वाली इनकी सबसे चर्चित गानों में शामिल रही है। लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं महाशिवरात्रि मेले में
महाशिवरात्री मेले के दौरान बाबा की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए राज्य के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु आते हैं। सर्वाधिक भीड़ महाशिवरात्रि व उसके अगले दिन जलढरी को होती है। बिहारी बाबा धाम के नाम से प्रचलित सिंहेश्वर स्थान में दशकों से महाशिवरात्री के मौके पर मेला का आयोजन होते आ रहा है। यहां के मेले को सोनपुर के बाद राज्य का सबसे बड़ा मेला माना जाता है। महाशिवरात्रि मेला पहले 15 दिनों तक चलता था। लेकिन कुछ वर्ष से इसकी अवधि एक माह कर दिया गया है।
