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मधेपुरा। जल-जीवन-हरियाली योजना को लेकर पहुंचे मुख्यमंत्री सोमवार की सुबह लोगों से मिलकर समस्या सुन रहे थे। मौके पर काफी संख्या में कार्यकर्ता सहित अन्य लोगों ने पहुंचकर समस्याओं को रखा। मौके पर जिला व्यापार संघ एवं वार्ड पार्षदों ने संयुक्त रूप से विधान पार्षद ललन सर्राफ के आवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। आवेदन भी सौंपा। मुख्यमंत्री को शहर की स्थिति के बारे में बताया। कहा गया कि थोड़ी सी बारिश में शहरवासी परेशान हो जाते हैं। जलजमाव से सभी लोग त्रस्त हैं। यहां मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिग कॉलेज, विश्वविद्यालय के साथ-साथ विद्युत रेल इंजन कारखाना की स्थापना हुई। परंतु शहर की सबसे गंभीर समस्या जल निकासी की आज भी जस की तस बनी हुई है। आए दिन मुख्य बाजार सहित मोहल्लों के सड़कों पर नाले का गंदा पानी निकासी की व्यवस्था नहीं रहने के कारण परेशानी होती है। जमा पानी से बदबू आने लगता है। जो तरह तरह की बीमारी को आमंत्रण देता है। व्यवसायी एवं वार्ड पाषदों ने मुख्यमंत्री को बताया कि जल निकासी के संबंध में जब नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से अनुरोध किया गया तो उनका कहना था कि शहर का स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज सिस्टम का डीपीआर पिछले कई वर्षों से स्वीकृति नहीं मिली है। व्यापार संघ एवं वार्ड पार्षदों ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि आम लोगों से जुड़े जल निकासी की गंभीर समस्या से निजात दिलाने को लेकर ठोस निर्णय लिया जाय। ज्ञापन सौंपने वाले वार्ड पार्षदों में रेखा देवी, मुकेश कुमार, पूर्व पार्षद ध्यानी यादव, व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार सर्राफ, मनीष सर्राफ, संजय कुमार जायसवाल, अशोक सोमानी, पारसमल सोनी, श्रवण कुमार सोनी, संजय कुमार सर्राफ सहित अन्य शामिल थे। मौके पर अतिथि शिक्षकों ने भी मिलकर मांगपत्र सौंपा। मौसम खराब होने के कारण मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से ही अररिया कार्यक्रम के लिए निकल गए।
मधेपुरा। जल-जीवन-हरियाली योजना को लेकर पहुंचे मुख्यमंत्री सोमवार की सुबह लोगों से मिलकर समस्या सुन रहे थे। मौके पर काफी संख्या में कार्यकर्ता सहित अन्य लोगों ने पहुंचकर समस्याओं को रखा। मौके पर जिला व्यापार संघ एवं वार्ड पार्षदों ने संयुक्त रूप से विधान पार्षद ललन सर्राफ के आवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। आवेदन भी सौंपा। मुख्यमंत्री को शहर की स्थिति के बारे में बताया। कहा गया कि थोड़ी सी बारिश में शहरवासी परेशान हो जाते हैं। जलजमाव से सभी लोग त्रस्त हैं। यहां मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिग कॉलेज, विश्वविद्यालय के साथ-साथ विद्युत रेल इंजन कारखाना की स्थापना हुई। परंतु शहर की सबसे गंभीर समस्या जल निकासी की आज भी जस की तस बनी हुई है। आए दिन मुख्य बाजार सहित मोहल्लों के सड़कों पर नाले का गंदा पानी निकासी की व्यवस्था नहीं रहने के कारण परेशानी होती है। जमा पानी से बदबू आने लगता है। जो तरह तरह की बीमारी को आमंत्रण देता है। व्यवसायी एवं वार्ड पाषदों ने मुख्यमंत्री को बताया कि जल निकासी के संबंध में जब नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से अनुरोध किया गया तो उनका कहना था कि शहर का स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज सिस्टम का डीपीआर पिछले कई वर्षों से स्वीकृति नहीं मिली है। व्यापार संघ एवं वार्ड पार्षदों ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि आम लोगों से जुड़े जल निकासी की गंभीर समस्या से निजात दिलाने को लेकर ठोस निर्णय लिया जाय। ज्ञापन सौंपने वाले वार्ड पार्षदों में रेखा देवी, मुकेश कुमार, पूर्व पार्षद ध्यानी यादव, व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार सर्राफ, मनीष सर्राफ, संजय कुमार जायसवाल, अशोक सोमानी, पारसमल सोनी, श्रवण कुमार सोनी, संजय कुमार सर्राफ सहित अन्य शामिल थे। मौके पर अतिथि शिक्षकों ने भी मिलकर मांगपत्र सौंपा। मौसम खराब होने के कारण मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से ही अररिया कार्यक्रम के लिए निकल गए।
