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मधेपुरा। जेएनयू के छात्रों पर बर्बरता हमले विरोध में जनअधिकार छात्र परिषद व एनएसयूआइ के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को बीएनएमयू में प्रतिरोध मार्च और नारेबाजी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। जेएनयू में जहां शिक्षा दी जाती है, वहां छात्रों पर बराबर अत्याचार की घटनाएं हो रही हैं। वैचारिक आधार पर क्या भारत में अब छात्र-छात्राओं को लाठी डंडे के जोर से पढ़ने और बढ़ने से रोका जाएगा। जहां जेएनयू जैसे शिक्षण संस्थानों में देश के सभी जगहों से सभी समुदाय के गरीब वंचित मेधावी छात्र शिक्षा-ग्रहण करने के लिए आया करते हैं। वहां अब देश के छात्रों पर ही अत्याचार की घटनाएं हो रही है। वहीं छात्र जाप जिलाध्यक्ष रोशन कुमार बिटटू ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार छात्र-युवाओं को अंधी राजनीतिक की ओर ले जा रही है। देश में धर्म और मजहब के नाम पर नफरत के माहौल को बढ़ाकर शिक्षा और शिक्षण संस्थान को बर्बाद करने का प्रयास किया जा रहा है। एनएसयूआइ जिलाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि जहां छात्र और युवा एक ओर रोजगार के लिए भटक रहा है, वहीं छात्रों को शिक्षा से वंचित रखने के लिए वैचारिक आधार पर विभेद की राजनीतिक को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं छात्र जाप विवि अध्यक्ष अमन कुमार रितेश ने कहा कि जेएनयू, जामिया मिलिया इस्लामिया अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, बनारस हिदू विवि जैसे सभी शिक्षण संस्थानों को बदनाम करने की एक साजिश वर्तमान तानाशाह सरकार कर रही है। मौके पर एनएसयूआइ विवि अध्यक्ष नीतीश कुमार, एनएसयूआइ नीरज यादव, जाप छात्र ओंकारनाथ श्रीवास्तव, अजय सिंह यादव, सामंत यादव, विवेक यादव, रामप्रवेश यादव, पिटू यादव, अभि चौहान बिटटू, सुशांत यदुवंशी, अजय कुमार, अगनेश यदुवंशी, राहुल रौशन, पिटू यादव, राहुल कुमार राय, कमल कुमार, राजा कुमार, अजित कुमार, दानिश, मु. सलाम, संजीत आर्य, सुधीर कुमार, सिटू कुमार, पुष्पंधु कुमार, विपिन कुमार, अमित कुमार, अरमान आर्य, राजा यदुवंशी, नवाब अमित यादव, निरंजन कुमार, किसन राज, मनीष कुमार, विकाश कुमार, अफरोज आलम, अमित, दिलखुश आदि छात्र नेता मौजूद थे।
मधेपुरा। जेएनयू के छात्रों पर बर्बरता हमले विरोध में जनअधिकार छात्र परिषद व एनएसयूआइ के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को बीएनएमयू में प्रतिरोध मार्च और नारेबाजी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। जेएनयू में जहां शिक्षा दी जाती है, वहां छात्रों पर बराबर अत्याचार की घटनाएं हो रही हैं। वैचारिक आधार पर क्या भारत में अब छात्र-छात्राओं को लाठी डंडे के जोर से पढ़ने और बढ़ने से रोका जाएगा। जहां जेएनयू जैसे शिक्षण संस्थानों में देश के सभी जगहों से सभी समुदाय के गरीब वंचित मेधावी छात्र शिक्षा-ग्रहण करने के लिए आया करते हैं। वहां अब देश के छात्रों पर ही अत्याचार की घटनाएं हो रही है। वहीं छात्र जाप जिलाध्यक्ष रोशन कुमार बिटटू ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार छात्र-युवाओं को अंधी राजनीतिक की ओर ले जा रही है। देश में धर्म और मजहब के नाम पर नफरत के माहौल को बढ़ाकर शिक्षा और शिक्षण संस्थान को बर्बाद करने का प्रयास किया जा रहा है। एनएसयूआइ जिलाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि जहां छात्र और युवा एक ओर रोजगार के लिए भटक रहा है, वहीं छात्रों को शिक्षा से वंचित रखने के लिए वैचारिक आधार पर विभेद की राजनीतिक को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं छात्र जाप विवि अध्यक्ष अमन कुमार रितेश ने कहा कि जेएनयू, जामिया मिलिया इस्लामिया अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, बनारस हिदू विवि जैसे सभी शिक्षण संस्थानों को बदनाम करने की एक साजिश वर्तमान तानाशाह सरकार कर रही है। मौके पर एनएसयूआइ विवि अध्यक्ष नीतीश कुमार, एनएसयूआइ नीरज यादव, जाप छात्र ओंकारनाथ श्रीवास्तव, अजय सिंह यादव, सामंत यादव, विवेक यादव, रामप्रवेश यादव, पिटू यादव, अभि चौहान बिटटू, सुशांत यदुवंशी, अजय कुमार, अगनेश यदुवंशी, राहुल रौशन, पिटू यादव, राहुल कुमार राय, कमल कुमार, राजा कुमार, अजित कुमार, दानिश, मु. सलाम, संजीत आर्य, सुधीर कुमार, सिटू कुमार, पुष्पंधु कुमार, विपिन कुमार, अमित कुमार, अरमान आर्य, राजा यदुवंशी, नवाब अमित यादव, निरंजन कुमार, किसन राज, मनीष कुमार, विकाश कुमार, अफरोज आलम, अमित, दिलखुश आदि छात्र नेता मौजूद थे।
