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Friday, January 31, 2020

BIHAR:थाने को सील कर एसपी ने की छापेमारी, चुरा कर शराब बेचने वाले सिपाही-हवलदार गिरफ्तार

कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।

नालंदा। बिहार में फिर पुलिस के शराब के धंधे में शामिल होने का मामला प्रकाश में आया है। नालंदा जिले के हरनौत थाने में गुरुवार को छापेमारी कर खुद एसपी ने जब्त शराब की खेप से 163 बोतल चोरी की गई शराब पकड़ी। जब्त शराब बाहर औने-पौने दाम पर पुलिस की मिलीभगत से बेची जाती है। एसपी ने शराब चोरी में शामिल दो हवलदार, दो सिपाही समेत एक निजी चालक को गिरफ्तार किया है। पांचों को जेल भेज दिया गया है। छापेमारी के दौरान थाने को सील कर दिया गया था। 
बैरक में छिपाई गई शराब  
एसपी नीलेश कुमार ने थाने को सील कर खुद छापेमारी की तो बैरक में छिपाकर रखे गए शराब के कई कार्टन मिले। निजी चालक अजीत कुमार यादव के कमरे से 91 बोतल, हवलदार शशि भूषण कुमार, हवलदार शिव बालक बैठा, सिपाही रामजी चौधरी व चंद्र किशोर यादव की बैरक से 72 बोतल शराब बरामद की गई।  पूछताछ में सभी ने स्वीकार किया कि मंगलवार की रात थाना क्षेत्र से ट्रक में लोड 262 कार्टन विदेशी शराब जब्त की गई थी। उसमें से इन्होंने 750 एमएल, 375 एमएल व 180 एमएल की शराब की बोतलों के कार्टन चोरी कर बैरक में रख लिए थे। सबसे ज्यादा शराब निजी चालक ने रखी थी।

जब्त हुई थी 472 बोतल शराब
बताते चलें कि मंगलवार की रात बिचाली मंडी के पास खड़े एक ट्रक से पुलिस ने 262 कार्टन शराब जब्त की थी। ट्रक से उतारकर शराब तस्करों को सौंपने के क्रम में ये कार्रवाई की गई थी। इस दौरान एक तस्कर पकड़ा गया था, जिसे पुलिस ने भगा दिया था। बरामदगी में 472 बोतल इम्पीरियल ब्लू ब्रांड की शराब की जब्ती दिखाई गई थी। जिसकी कुल मात्रा 2,326 लीटर है। एसपी के अनुसार उन्हें पूर्व से सूचना थी कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से हरनौत में शराब की खेप मंगाई जाती है। जांच के दौरान एसपी ने थाने को सील कर दिया था।
हाईकोर्ट जता चुका है हैरानी
बुधवार को हाईकोर्ट ने शराब संबंधी एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा था इतने बड़े पैमाने पर शराबबंदी कानून के तोड़े जाने पर यही लगता है कि बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है ही नहीं। अदालत ने 13 फरवरी तक संबंधित पदाधिकारियों से पूछा है कि इसपर पूर्ण प्रतिबंध क्यों नहीं लग रहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी बताने को कहा है संबधित पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारी पर क्या कार्रवाई हुई है। अदालत ने इस बात पर भी हैरानी जाहिर की है कि शराब एक राज्य से दूसरे राज्य कैसे पहुंच जाती है।