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शातिरों ने फर्जी वेबसाइट पर प्रमाणपत्र सत्यापन की तारीख भी डाल दी। दो दिन पहले जब ठगी का शिकार एक युवक पटना में बेल्ट्रॉन दफ्तर पहुंचा और कहने लगा कि आईटी ब्यॉय का इंटरव्यू दे चुका हूं। प्रमाणपत्र सत्यापन करना है तो वहां मौजूद कर्मी दंग रह गए। जब तक उससे कुछ पूछ पाते, वह खिसक गया। इसके बाद बेल्ट्राॅन के प्रोजेक्ट लीड जाहिद लतीफ ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज कराया।
पटना .साइबर अपराधियों ने बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बेल्ट्राॅन) की फर्जी वेबसाइट बनाने के बाद उसपर आईटी ब्यॉय की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाल दिया। यही नहीं बेरोजगारों से बहाली के नाम पर मोटी रकम की ठगी के लिए इंटरव्यू भी करा डाला। 8 लाख युवा ठगी के शिकार हुए हैं। इनमें 2 लाख बिहार के हैं। बाकी में अधिकतर झारखंड के हैं।
शातिरों ने फर्जी वेबसाइट पर प्रमाणपत्र सत्यापन की तारीख भी डाल दी। दो दिन पहले जब ठगी का शिकार एक युवक पटना में बेल्ट्रॉन दफ्तर पहुंचा और कहने लगा कि आईटी ब्यॉय का इंटरव्यू दे चुका हूं। प्रमाणपत्र सत्यापन करना है तो वहां मौजूद कर्मी दंग रह गए। जब तक उससे कुछ पूछ पाते, वह खिसक गया। इसके बाद बेल्ट्राॅन के प्रोजेक्ट लीड जाहिद लतीफ ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज कराया।
कुछ लेटर के फर्क से फंस गए छात्र
ओरिजनल वेबसाइट है www.bsedc.bihar.gov.in, फर्जी है www.bsedc.bihgov.in
बेल्ट्रॉन के एमडी बोले-कोई बहाली नहीं निकाली है, युवक झांसे में न आएं
बेल्ट्रॉन के एमडी राहुल सिंह ने कहा कि यहां से किसी पद की बहाली नहीं निकाली गई है। फर्जी वेबसाइट बनाकर शातिरों ने ठगने के लिए यह सब किया है। इन शातिरों के झांसे में न आएं। अगर किसी से ठगी हुई है तो वे थाने में केस दर्ज कराएं।
पहले भी हाईकोर्ट सहित कई संस्थानों की फर्जी वेबसाइट शातिरों ने बनाई
साइबर अपराधियों ने पहले भी कई प्रतिष्ठित संस्थानों की ओरिजनल से मिलती जुलती नकली वेबसाइट बनाई है। शातिरों ने कुछ दिन पहले पटना हाईकोर्ट की भी फर्जी वेबसाइट बनाई थी जिसका केस कोतवाली थाने में दर्ज हुआ था।
तीन महीने पहले बनी साइट बिहार-यूपी से हो रही ऑपरेट
कुमार जितेंद्र ज्योति | पटना
बेल्ट्रॉन की फर्जी साइट की प्लानिंग काफी पहले की गई थी। 20 सितंबर 2019 से ही www.bsedc.bihgov.in को ऑपरेट किया जा रहा था। फर्जी वैकेंसी डालने वाले जालसाज बिहार के साथ ही इसे उत्तर प्रदेश से भी ऑपरेट कर रहे थे। भास्कर के पैरलल इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि अबतक इस साइट पर कुल 8,80,684 इंटरनेट यूजर विजिट कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा (3,94,412) झारखंड के विजिटर्स हैं, जबकि बिहार के यूजर्स की संख्या 2,37,513 रही है।
बेल्ट्रॉन की फर्जी साइट की प्लानिंग काफी पहले की गई थी। 20 सितंबर 2019 से ही www.bsedc.bihgov.in को ऑपरेट किया जा रहा था। फर्जी वैकेंसी डालने वाले जालसाज बिहार के साथ ही इसे उत्तर प्रदेश से भी ऑपरेट कर रहे थे। भास्कर के पैरलल इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि अबतक इस साइट पर कुल 8,80,684 इंटरनेट यूजर विजिट कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा (3,94,412) झारखंड के विजिटर्स हैं, जबकि बिहार के यूजर्स की संख्या 2,37,513 रही है।
साइट रजिस्ट्रेशन की ईमेल आईडी से ही मंशा साफ
इंड्योरेंस डोमेंस टेक्नोलॉजी एलएलपी से यह वेबसाइट डोमेन एक साल के लिए vikasemp007@gmail.com ने रजिस्टर्ड कराई थी। जालसाज के मोबाइल नंबर के अंतिम दो अंक 31 हैं। पड़ताल में भास्कर के आईटी एक्सपर्ट रहे राजेश कुमार बताते हैं कि जालसाज ने 30 नवंबर 2019 को सुबह 11:06 बजे के बाद से इस साइट को अपडेट नहीं किया है। इसका होस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज सर्वर है। बहुत बड़े एक्सपर्ट ने वेब डिजाइनिंग नहीं की है
इंड्योरेंस डोमेंस टेक्नोलॉजी एलएलपी से यह वेबसाइट डोमेन एक साल के लिए vikasemp007@gmail.com ने रजिस्टर्ड कराई थी। जालसाज के मोबाइल नंबर के अंतिम दो अंक 31 हैं। पड़ताल में भास्कर के आईटी एक्सपर्ट रहे राजेश कुमार बताते हैं कि जालसाज ने 30 नवंबर 2019 को सुबह 11:06 बजे के बाद से इस साइट को अपडेट नहीं किया है। इसका होस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज सर्वर है। बहुत बड़े एक्सपर्ट ने वेब डिजाइनिंग नहीं की है
