कोशी लाइव:अक्की
@रितेश हन्नी
नवगछिया - बिहार के बाहुबली नेता पप्पू देव को जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद वे शुक्रवार की शाम को सहरसा जेल से बाहर निकले। मालूम हो कि नेपाल जेल से छूटने के बाद पप्पू देव को 4 वर्ष पहले सहरसा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बिहार के कई जिलों में पप्पू देव पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पप्पू देव के जमानत पर रिहा होने के बाद हर जगह उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है। समर्थकों ने बताया कि उम्मीद की जा रही है कि पप्पू देव बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सक्रिय होंगे। जेल से निकलने के बाद खुद पप्पू देव ने भी इस तरह के संकेत दिए हैं। उनकी आस्था किस पार्टी की तरफ होगी यह तो भविष्य ही बताएगा लेकिन बिहार में इन दिनों सक्रिय सवर्णों के कई संगठन पूरी तरह से उनके समर्थन में है। पप्पू देव के समर्थकों में उनके जेल से बाहर आने पर काफी उत्साह देखा जा रहा है। समर्थकों ने स्पष्ट कहा कि पप्पू देव कोई अपराधी नहीं है बल्कि परिस्थितिवश उन्होंने हथियार उठाया था। उस समय बिहार की सियासत ही ऐसी थी कि अगर पप्पू देव जैसे मसीहा खड़े नहीं होते तो निश्चित रूप से आम आवाम को भारी क्षति झेलनी पड़ती। बताते चलें कि पप्पू देव की पत्नी पूनम देव बिहपुर विधानसभा से वर्ष 2005 में चुनाव भी लड़ चुकी हैं। इस कारण बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में पप्पू देव समर्थकों की संख्या अच्छी खासी है।
*पप्पू देव को मिली जमानत*
_लगाया जा रहा कयास कि सियासी राजनीति में होंगे सक्रिय_
सहरसा :- जेल से छूटने के बाद पप्पू देव ने प्रेस ब्यान जारी करते हुए कहा कि न्यायालय पर मेरी पूरी आस्था है और जिस कारण मुझे 90 प्रतिशत केसों में न्यायालय द्वारा रिहा कर दिया गया। जबकि10 प्रतिशत केसों में मुझे जमानत दे दी गई है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के खिलाफ हमेशा से आवाज बुलंद करता रहा हूं। जिस कारण मुझे विरोधियों द्वारा साजिश के तहत झूठे मुकदमों में फसा दिया गया। लेकिन न्यायालय के प्रति आस्था के कारण करीब 5 वर्षों के बाद जेल से बाहर आया हूँ। मैं समाज में अमन चैन कायम रखने की दिशा में हमेशा प्रयास करता रहूंगा। कानून और आम आवाम का सम्मान ही मेरी जिंदगी होगी। मेरे छूटने के बाद विरोधियों छवि को समाज के बीच में नकारात्मक तरीके से प्रस्तुत कर मुझे बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन मैं स्पष्ट तौर पर समाज के आम लोगों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों, छात्रों, नौजवानों को कहना चाहता हूं कि मैं समाज के हित के लिए हमेशा आपके कदम से कदम मिलाकर चलूंगा। जाति रहित समाज निर्माण हो सके इसके लिए सबों को प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जनता की देखरेख में पूरी परिवार के साथ अपनी जिंदगी लगा दूँगा।
@रितेश हन्नी
नवगछिया - बिहार के बाहुबली नेता पप्पू देव को जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद वे शुक्रवार की शाम को सहरसा जेल से बाहर निकले। मालूम हो कि नेपाल जेल से छूटने के बाद पप्पू देव को 4 वर्ष पहले सहरसा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बिहार के कई जिलों में पप्पू देव पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पप्पू देव के जमानत पर रिहा होने के बाद हर जगह उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है। समर्थकों ने बताया कि उम्मीद की जा रही है कि पप्पू देव बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सक्रिय होंगे। जेल से निकलने के बाद खुद पप्पू देव ने भी इस तरह के संकेत दिए हैं। उनकी आस्था किस पार्टी की तरफ होगी यह तो भविष्य ही बताएगा लेकिन बिहार में इन दिनों सक्रिय सवर्णों के कई संगठन पूरी तरह से उनके समर्थन में है। पप्पू देव के समर्थकों में उनके जेल से बाहर आने पर काफी उत्साह देखा जा रहा है। समर्थकों ने स्पष्ट कहा कि पप्पू देव कोई अपराधी नहीं है बल्कि परिस्थितिवश उन्होंने हथियार उठाया था। उस समय बिहार की सियासत ही ऐसी थी कि अगर पप्पू देव जैसे मसीहा खड़े नहीं होते तो निश्चित रूप से आम आवाम को भारी क्षति झेलनी पड़ती। बताते चलें कि पप्पू देव की पत्नी पूनम देव बिहपुर विधानसभा से वर्ष 2005 में चुनाव भी लड़ चुकी हैं। इस कारण बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में पप्पू देव समर्थकों की संख्या अच्छी खासी है।
*पप्पू देव को मिली जमानत*
_लगाया जा रहा कयास कि सियासी राजनीति में होंगे सक्रिय_
सहरसा :- जेल से छूटने के बाद पप्पू देव ने प्रेस ब्यान जारी करते हुए कहा कि न्यायालय पर मेरी पूरी आस्था है और जिस कारण मुझे 90 प्रतिशत केसों में न्यायालय द्वारा रिहा कर दिया गया। जबकि10 प्रतिशत केसों में मुझे जमानत दे दी गई है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के खिलाफ हमेशा से आवाज बुलंद करता रहा हूं। जिस कारण मुझे विरोधियों द्वारा साजिश के तहत झूठे मुकदमों में फसा दिया गया। लेकिन न्यायालय के प्रति आस्था के कारण करीब 5 वर्षों के बाद जेल से बाहर आया हूँ। मैं समाज में अमन चैन कायम रखने की दिशा में हमेशा प्रयास करता रहूंगा। कानून और आम आवाम का सम्मान ही मेरी जिंदगी होगी। मेरे छूटने के बाद विरोधियों छवि को समाज के बीच में नकारात्मक तरीके से प्रस्तुत कर मुझे बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन मैं स्पष्ट तौर पर समाज के आम लोगों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों, छात्रों, नौजवानों को कहना चाहता हूं कि मैं समाज के हित के लिए हमेशा आपके कदम से कदम मिलाकर चलूंगा। जाति रहित समाज निर्माण हो सके इसके लिए सबों को प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जनता की देखरेख में पूरी परिवार के साथ अपनी जिंदगी लगा दूँगा।

