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अक्की
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बिहार राज्य किसान सभा जिला इकाई के बैनतर तले कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान सभा के राज्य सचिव रमण कुमार और जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह ने किया। प्रदर्शनकारी जिले को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने सहित नौ सूत्री मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान भाकपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण ने कहा कि केन्द्र सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण कृषि प्रधान देश भारत में कृषि संकट में है। खेती में हो रहे नुकसान के कारण देश में प्रतिवर्ष 12 हजार किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
उन्होंने बिहार सरकार के आदेश पत्र के वगैर 50 रुपये प्रति एकड़ लगान बढ़ाकर 421 रुपये प्रति एकड़ किये जाने के फैसले को वापस लेने की मांग की। भाकपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को फसल के लागत मूल्य का दोगुनी कीमत और सस्ते दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। ऐसा नहीं होने पर किसान आंदोलन करने को विवश होंगे। किसान सभा के प्रदेश सचिव रमण कुमार और जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह ने कहा कि समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद नहीं की जा रही है। सुखाड़ से आम किसान परेशान हैं।
भाकपा जिला मंत्री विद्याधर मुखिया और राज्य पार्षद प्रो. देवनारायण पासवान देव ने डीजल अनुदान और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि का जल्द भुगतान की मांग की। विरोध प्रदर्शन में किसान नेता जगत नारायण शर्मा, रामजी मेहता, शैलेन्द्र कुमार, कुलानंद रजक, बीरेन्द्र मेहता, ललन मंडल, अमरेन्द्र सिंह, सचिदा शर्मा, दिलीप पटेल, उपेन्द्र चौधरी, अनिल पासवान, विद्यानंद चौधरी, सिकंदर राम, माधो राम, मो. जहांगीर, गणेश सिंह आदि ने भी सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। बाद में शिष्टमंडल ने नौ सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा।