कोशी लाइव: विकास तांती
सहरसा में कमिशनरी के पास स्थित आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में जबरन प्रवेश कर हंगामा मचाया। उग्र प्रदर्शनकारियों ने कई कार्यालयों में तोड़फोड़ की और बाहर खड़े वाहनों को भी निशाना बनाया। प्रदर्शनकारियों के उत्पात से अधिकांश अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय छोड़कर भागना पड़ा।
मालूम को कि 15 अगस्त को कोर्ट के सामने स्थित बाबा साहब भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया था। इस घटना के विरोध में बुधवार को संविधान बचाओ संघर्ष समिति व अन्य संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन की घोषणा की थी।
मालूम को कि 15 अगस्त को कोर्ट के सामने स्थित बाबा साहब भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया था। इस घटना के विरोध में बुधवार को संविधान बचाओ संघर्ष समिति व अन्य संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन की घोषणा की थी।
हालांकि सदर एसडीओ ने स्टेडियम के समीप निर्धारित स्थल पर धरना-प्रदर्शन की अनुमति दी थी। करीब दोपहर एक बजे प्रदर्शनकारियों का जत्था नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट गेट के समीप पहुंचा। यहां मौजूद पुलिसकर्मियों को धक्का देते हुए भीड़ गेट खोलकर अंदर प्रवेश कर गई। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन, सामाजिक सुरक्षा और उत्पाद विभाग के कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की। कई प्रदर्शनकारियों ने परिसर के अंदर खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी सहित कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस क्रम में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यालय से बाहर भागकर अपने को सुरक्षित किया। हालांकि हंगामा करने वालों को पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए बाहर खदेड़ दिया। तब जाकर कलेक्ट्रेट का माहौल सामान्य हुआ।
बाद में मौके पर पहुंचीं डीएम डॉ. शैलजा शर्मा ने एसपी राकेश कुमार, सदर एसडीओ शंभूनाथ झा, एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी को बुलाकर वस्तुस्थिति का जायजा लेते हुए दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई का निर्देश दिया है। एसडीओ ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कलेक्ट्रेट के अंदर घुसकर हंगामा करने वालों की पहचान की जा रही है।
