कोशी लाइव:अक्की
सिंहेश्वर बाजार स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी और चौधरी ठाकुरबाड़ी के बड़े परिसर में इन दिनों नशेड़ियों का जमघट लगता है। नशे का सेवन करने वाले लड़के उस रास्ते से होकर आने-जाने वाली महिलाओं और लड़कियों पर फब्ती भी कसते हैं।
इससे परेशान महिलाएं ठाकुरबाड़ी में पूजा करने जाने से कतराती रहती हैं। जबकि अन्य लोग रास्ता बदलने को भी मजबूर हो रहे हैं। महिला श्रद्धालु उर्मिला देवी, पुष्पा देवी, सुमन देवी ने कहा कि अब तो आजिज होकर वे लोग बाबा मंदिर में पूजा करने के बाद रामजानकी ठाकुरबाड़ी में पूजा करने नहीं जाती है। आसपास के लोगों की माने तो इसका सबसे बड़ा कारण पिछले कुछ वर्षों से ठाकुरबाड़ी की व्यवस्था में कमी आना है। कई पुराने सदस्यों की मौत और कुछ अन्य लोगों की बढ़ती व्यस्तता के कारण अनदेखी से ही इस तरह की समस्या बढ़ने लगी है। सही तरीके से देखरेख नहीं होने के कारण बाजार के साथ-साथ आसपास के गांव से आने वाले दर्जनों लड़के चोरी-छिपे नशा का सेवन करते हैं। इससे आस्था पर भी चोट पहुंचता है। करणी सेना के प्रखंड अध्यक्ष विकास कुमार सिंह का कहना है कि यहां की खाली पड़ी जमीन को किराए पर लगाने में भी मनमर्जी चल रही है। ठाकुरबाड़ी की जमीन, पोखर, लव-कुश भवन और पार्किंग बिना डाक के ही मनचाहा लोगों को दिया जाता है। इस बार भी ऐसा ही किया गया। प्रचार कर पार्किंग का डाक किया जाता तो ठाकुरबाड़ी कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त होता। इस बाबत ठाकुरबाड़ी के मंदिर निर्माण समिति के सदस्य संजीव कुमार ने बताया कि डाक की रकम का हिसाब रखा जाता है। पार्किंग का डाक तो 51 हजार में हो गया है। अब सभी डाक नियमानुसार किया जाएगा। आस्था पर चोट पहुंचाने जैसे मामलों को दुरुस्त करने को लेकर कमेटी विचार कर रही है। जल्द ही इसका भी समाधान किया जाएगा।
सिंहेश्वर बाजार स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी और चौधरी ठाकुरबाड़ी के बड़े परिसर में इन दिनों नशेड़ियों का जमघट लगता है। नशे का सेवन करने वाले लड़के उस रास्ते से होकर आने-जाने वाली महिलाओं और लड़कियों पर फब्ती भी कसते हैं।
इससे परेशान महिलाएं ठाकुरबाड़ी में पूजा करने जाने से कतराती रहती हैं। जबकि अन्य लोग रास्ता बदलने को भी मजबूर हो रहे हैं। महिला श्रद्धालु उर्मिला देवी, पुष्पा देवी, सुमन देवी ने कहा कि अब तो आजिज होकर वे लोग बाबा मंदिर में पूजा करने के बाद रामजानकी ठाकुरबाड़ी में पूजा करने नहीं जाती है। आसपास के लोगों की माने तो इसका सबसे बड़ा कारण पिछले कुछ वर्षों से ठाकुरबाड़ी की व्यवस्था में कमी आना है। कई पुराने सदस्यों की मौत और कुछ अन्य लोगों की बढ़ती व्यस्तता के कारण अनदेखी से ही इस तरह की समस्या बढ़ने लगी है। सही तरीके से देखरेख नहीं होने के कारण बाजार के साथ-साथ आसपास के गांव से आने वाले दर्जनों लड़के चोरी-छिपे नशा का सेवन करते हैं। इससे आस्था पर भी चोट पहुंचता है। करणी सेना के प्रखंड अध्यक्ष विकास कुमार सिंह का कहना है कि यहां की खाली पड़ी जमीन को किराए पर लगाने में भी मनमर्जी चल रही है। ठाकुरबाड़ी की जमीन, पोखर, लव-कुश भवन और पार्किंग बिना डाक के ही मनचाहा लोगों को दिया जाता है। इस बार भी ऐसा ही किया गया। प्रचार कर पार्किंग का डाक किया जाता तो ठाकुरबाड़ी कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त होता। इस बाबत ठाकुरबाड़ी के मंदिर निर्माण समिति के सदस्य संजीव कुमार ने बताया कि डाक की रकम का हिसाब रखा जाता है। पार्किंग का डाक तो 51 हजार में हो गया है। अब सभी डाक नियमानुसार किया जाएगा। आस्था पर चोट पहुंचाने जैसे मामलों को दुरुस्त करने को लेकर कमेटी विचार कर रही है। जल्द ही इसका भी समाधान किया जाएगा।
