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सहरसा। सहरसा में नाला निर्माण करा रहे हैदाराबाद की कंपनी आरके इंफ्रास्ट्रक्चर से रंगद...
सहरसा। सहरसा में नाला निर्माण करा रहे हैदाराबाद की कंपनी आरके इंफ्रास्ट्रक्चर से रंगदारी मांगने के मामले में सीतामढ़ी जेल में बंद मुकेश पाठक गैंग के दो सदस्य ¨रकू पाठक व संदीप गुप्ता को पुलिस ने मोतिहारी से गिरफ्तार किया। दोनों ने पूछताछ में रंगदारी मांगने की बात को स्वीकार किया। इस मामले में मुकेश पाठक के भाई योगेश पाठक की तलाश में भी पुलिस जुटी हुई है।
सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि सीतामढ़ी समेत अन्य जिलों में कार्य करा रही बड़ी कंपनी को असामाजिक तत्व द्वारा परेशानी उत्पन्न नहीं किया जाय इसको लेकर मुख्यालय द्वारा गठित विशेष कार्य बल द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी बीच एसटीएफ को जानकारी मिली कि सहरसा में नाला निर्माण करा रही हैदराबाद की कंपनी आरके इंफ्रास्ट्रक्चर से जेल में बंद मुकेश पाठक व उसके गुर्गों द्वारा रंगदारी मांगी गई है। मुख्यालय द्वारा इस मामले में पहल शुरू की गई और गठित एसटीएफ की टीम ने तकनीकी आधार पर मोतिहारी जिला के केसरिया निवासी ¨रकू पाठक उर्फ रजनीश पाठक एवं संदीप गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को पूछताछ के लिए सहरसा लाया गया। पूछताछ में दोनों ने रंगदारी मांगने की बात स्वीकार की। यह पता चला कि जेल में बंद मुकेश पाठक का भाई योगश पाठक भी इसमें शामिल था जिसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों को जेल भेजा जा रहा है। दरभंगा इंजीनियर हत्याकांड की तरह दी थी धमकी आरके इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड हैदाराबाद के सहरसा में कार्य करा रहे साइट इंचार्ज तेलंगना निवासी ने पुलिस को बताया कि उनके कंपनी के मोबाइल पर कुछ माह पूर्व से ही दो मोबाइल नंबर से फोन आ रहा था। फोन करने वाला व्यक्ति अपने को मुकेश पाठक व उसका आदमी बताते हुए सहरसा जिला में कराये जा रहे निर्माण कार्य के एवज में 80 लाख रूपये की मांग करते हुए तरह-तरह की धमकी देते हुए कहा जाता था कि कार्य बंद करा देंगे। जब धमकी को कंपनी द्वारा अनसुना करते हुए बगैर रंगदारी दिए कार्य जारी रखा तो उक्त व्यक्ति द्वारा दूसरे मोबाइल नंबर से हमारे कंपनी के मोबाइल पर व्हाट्सएप ऑडियो कॉल कर धमकी दिया गया कि तुम रंगदारी जमा नहीं किया है दरभंगा इंजीनियर हत्याकांड के बारे में पता है ना। अगर तीन दिन के अंदर अस्सी लाख रूपए रंगदारी का भुगतान नहीं किया गया तो साइड पर दरभंगा इंजीनियर हत्याकांड को दोहराना पड़ेगा। उसके बाद उनके कंपनी के निदेशक श्रीनिवास रेड्डी उनलोगों के बताए अनुसार पटना पहुंचे जहां पर मुकेश पाठक का आदमी बताते हुए दो व्यक्ति एक चार पहिया वाहन से पहुंचे और उनके कंपनी के निदेशक से बातचीत की। बताचीत के क्रम में एक ने अपना नाम ¨रकू पाठक उर्फ रजनीश पाठक, चेयरमैन केसरिया मोतिहारी एवं दूसरे ने संदीप गुप्ता केसरिया बताया। दोनों ने कंपनी के निदेशक को धमकी दी कि बगैर 80 लाख रंगदारी भुगतान किये अगर काम जारी रखा तो जानमाल को ऐसी क्षति पहुंचाई जाएगी कि लेखा-जोखा भी नहीं कर पाओगे अन्यथा काम को तुरंत बंद कर दो। जिसके बाद सदर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज की गई। कोट दोनों नामजद आरोपित की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले में मुख्यालय स्तर पर से भी कार्रवाई हो रही है। जिन बदमाशों का इसमें नाम आएगा उसकी गिरफ्तारी होगी। -प्रभाकर तिवारी, सदर एसडीपीओ, सहरसा।