कोशी लाइव:
सुपौल: सात माह पूर्व सदर थाना में दर्ज कराए गए अपहरण के मामले का अपहृत पंजाब में था और पुलिस इधर उसकी बरामदगी के लिए खाक छान रही थी। हालांकि पुलिस उसे मंगलवार को बरामद कर ली। तत्पश्चात उसे बुधवार को न्यायालय में उपस्थित किया गया। मालूम हो कि 21 मई को सदर थाना क्षेत्र के भूराही पुनर्वास, वार्ड नं.-11 निवासी भुवनेश्वर मंडल ने एक मामला दर्ज करवाया था कि 17 मई को मेरे पुत्र संतोष कुमार घर पर था, उसी समय पिपरा थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी मनोज मंडल व छुतहरु मंडल दो अज्ञात व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल से आया और संतोष को आवाज देकर बुलाया। जब संतोष घर से निकला तो वेलोग उसे मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और चलता बना। जब तक घर वाले कुछ समझ पाते तब तक वे लोग निकल गए। पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या-302/18 दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दी। उक्त मामले के अनुसंधानकत्र्ता केएन ¨सह ने बताया कि संतोष को स्थानीय बस स्टेंड से बरामद किया गया है। वह पंजाब में था, वहां से वह लौटकर आया था और अपने घर जा रहा था। इस कांड का आरोपी छुतहरु व मनोज रिश्ते में संतोष का ससुर व साला है। बहरहाल अपहृत के द्वारा न्यायालय में बयान देने के बाद ही पता चल पाएगा कि मामला अपहरण का है या कुछ और।
सुपौल: सात माह पूर्व सदर थाना में दर्ज कराए गए अपहरण के मामले का अपहृत पंजाब में था और पुलिस इधर उसकी बरामदगी के लिए खाक छान रही थी। हालांकि पुलिस उसे मंगलवार को बरामद कर ली। तत्पश्चात उसे बुधवार को न्यायालय में उपस्थित किया गया। मालूम हो कि 21 मई को सदर थाना क्षेत्र के भूराही पुनर्वास, वार्ड नं.-11 निवासी भुवनेश्वर मंडल ने एक मामला दर्ज करवाया था कि 17 मई को मेरे पुत्र संतोष कुमार घर पर था, उसी समय पिपरा थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी मनोज मंडल व छुतहरु मंडल दो अज्ञात व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल से आया और संतोष को आवाज देकर बुलाया। जब संतोष घर से निकला तो वेलोग उसे मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और चलता बना। जब तक घर वाले कुछ समझ पाते तब तक वे लोग निकल गए। पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या-302/18 दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दी। उक्त मामले के अनुसंधानकत्र्ता केएन ¨सह ने बताया कि संतोष को स्थानीय बस स्टेंड से बरामद किया गया है। वह पंजाब में था, वहां से वह लौटकर आया था और अपने घर जा रहा था। इस कांड का आरोपी छुतहरु व मनोज रिश्ते में संतोष का ससुर व साला है। बहरहाल अपहृत के द्वारा न्यायालय में बयान देने के बाद ही पता चल पाएगा कि मामला अपहरण का है या कुछ और।
