पप्पू मेहता की रिपोर्ट घैलाढ़ (मधेपुरा)। घैलाढ़ प्रखंड की श्रीनगर पंचायत में मंगलवार को कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की ओर से जनप्रतिनिधियों के नाम भेजे गए संदेश पत्र का वितरण किया गया। पंचायत के किसान सलाहकार राजेश कुमार पप्पू ने पंचायत की मुखिया गौरी देवी एवं पंचायत समिति सदस्य सह उपप्रमुख मंजू सुमन को कृषि मंत्री का संदेश पत्र हस्तगत कराया।
किसान सलाहकार राजेश कुमार पप्पू ने कृषि मंत्री की ओर से भेजे गए संदेश को जनप्रतिनिधियों के समक्ष पढ़कर सुनाया। पत्र में बिहार की कृषि व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, मिट्टी के स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती, एग्रीस्टैक फार्मर आईडी तथा किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया है।
मंत्री के संदेश में कहा गया है कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है और बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के असंतुलित उपयोग से मिट्टी की उर्वरता, जैविक कार्बन और पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए किसानों के बीच मिट्टी जांच और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
संदेश पत्र में 'खेत बचाओ अभियान' के माध्यम से किसानों को रासायनिक खादों के विवेकपूर्ण उपयोग, मृदा स्वास्थ्य सुधार और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने की अपील की गई है। इसके साथ ही एग्रीस्टैक के तहत फार्मर आईडी बनाने तथा किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक, फसल खरीद और सरकारी अनुदान जैसी सुविधाओं को पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
कृषि मंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में किसान गोष्ठी, चौपाल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को मिट्टी जांच, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और जलवायु अनुकूल खेती के बारे में जानकारी देने की अपील की है।
पत्र में संभावित मौसम संबंधी चुनौतियों को देखते हुए कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली प्रमाणित फसलों और बीजों को अपनाने, समेकित कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने तथा किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई है।
इसके अलावा यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगाने, जैव उर्वरक, हरित खाद, गोबर आदि से तैयार प्राकृतिक विकल्पों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया है।
मंत्री के संदेश में भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए जनकल्याण संवाद एवं जन चौपाल आयोजित करने की अपील भी की गई है। असर्वेक्षित भूमि, टोपोलैंड, बकास्त, परती एवं बंजर भूमि से जुड़े किसानों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और अनुदान का लाभ दिलाने की बात कही गई है।
संदेश में युवाओं को कृषि, नवाचार, डिजिटल तकनीक और उद्यमिता से जोड़ने तथा डिजिटल कृषि सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
किसान सलाहकार राजेश कुमार पप्पू ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता और कुशल नेतृत्व से पंचायत के किसानों को कृषि के क्षेत्र में नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने किसानों से मिट्टी जांच कराने, फार्मर आईडी बनवाने तथा प्राकृतिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की।
इस दौरान मुखिया गौरी देवी, पंचायत समिति सदस्य सह उपप्रमुख मंजू सुमन सहित कई किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने खेत बचाने, मिट्टी का संरक्षण करने और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सामूहिक रूप से सहयोग करने का संकल्प लिया।