बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है। बाबूबरही थाना में तैनात एक ASI पर महिला के घर में घुसने और ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने पर अपनी सर्विस रिवॉल्वर से अंधाधुंध फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगा है। इस गोलीबारी में अशोक यादव की मौत हो गई, जबकि महिला समेत तीन अन्य लोग गोली लगने से घायल हो गए। महिला की भी इलाज के दौरान मौत होने की खबर सामने आई है, हालांकि उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें हैं। घटना के बाद आरोपी ASI फरार हो गया है। एसपी ने उसे निलंबित करते हुए गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
घटना सोमवार देर रात करीब एक बजे बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव की है। मृतक अशोक यादव की उम्र करीब 45 से 50 वर्ष बताई जा रही है। घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
महिला के घर पहुंचा था ASI, ग्रामीणों को कथित संबंध का था शक
जानकारी के अनुसार, बाबूबरही थाना में तैनात ASI चन्द्र मोहन सिंह बलिराजगढ़ गांव स्थित पुलिस पिकेट में ड्यूटी पर था। बताया जा रहा है कि वह पिछले कई दिनों से गांव के एक घर में सामान लेने के बहाने आता-जाता था। ग्रामीणों का आरोप है कि उस घर की एक महिला के साथ ASI के कथित अवैध संबंध थे। इसी बात को लेकर गांव के कुछ लोग उससे नाराज थे।
सोमवार की रात करीब एक बजे ASI फिर उसी महिला के घर पहुंचा। ग्रामीणों के मुताबिक, उसे घर में जाते देखकर पड़ोस की एक महिला को शक हुआ। उसने तुरंत कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग जुटने लगे और देखते ही देखते घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
कमरे में घिरा ASI तो सर्विस रिवॉल्वर से की फायरिंग
स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्रामीणों ने ASI को कमरे के अंदर घेर लिया था। कुछ लोग उसे बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर ASI ने अपनी सरकारी सर्विस रिवॉल्वर निकाल ली और खिड़की से बाहर खड़े ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि करीब पांच से छह राउंड गोलियां चलाई गईं। वहीं, एसपी के शुरुआती बयान के अनुसार, आरोपी ने कमरे के अंदर से तीन से चार राउंड फायरिंग की थी। अचानक हुई गोलीबारी से मौके पर भगदड़ मच गई और चार ग्रामीण गोली लगने से घायल हो गए।
अशोक यादव की मौत, महिला समेत तीन लोग घायल
गोलीबारी में अशोक यादव को सीने और जांघ में गोली लगी थी। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, फूलो देवी नाम की महिला के पेट में गोली लगी थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। ETV भारत की रिपोर्ट के अनुसार, रास्ते में उनकी मौत होने की खबर है।
इसके अलावा विजेंद्र यादव के गले के पास और धनिकलाल यादव के पैर में गोली लगी है। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। महिला की मौत की सूचना और घायलों की स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
एसपी योगेंद्र कुमार पहुंचे घटनास्थल, अस्पताल में घायलों का जाना हाल
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद एसपी ने बलिराजगढ़ गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एसपी के मुताबिक, आरोपी ASI गांव के पुलिस पिकेट में तैनात था और उसका कथित तौर पर गांव की एक महिला के साथ संबंध था। इसी वजह से वह बार-बार उस घर में जाता था। सोमवार रात ग्रामीणों ने उसे घर के अंदर देख लिया और घेर लिया। इसी दौरान उसने फायरिंग कर दी।
ASI निलंबित, गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष टीमें गठित
घटना के बाद आरोपी ASI चन्द्र मोहन सिंह फरार है। एसपी योगेंद्र कुमार ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
एसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति को अपनी ओर से 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति आरोपी के संबंध में पुलिस को जानकारी देगा, उसे 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। एसपी ने यह भी कहा कि आरोपी की तस्वीर और अन्य जानकारी जल्द सोशल मीडिया पर साझा की जाएगी।
सेवा से बर्खास्त करने की भी कही बात
एसपी योगेंद्र कुमार ने कहा है कि आरोपी ASI को निलंबित कर दिया गया है और उसे सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी नहीं फैलाने की अपील की है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पहले भी विवादों में रह चुका है आरोपी ASI
बताया जा रहा है कि चन्द्र मोहन सिंह इससे पहले मधवापुर थाना क्षेत्र में डायल-112 की टीम में भी तैनात रह चुका है। 12 जुलाई 2025 को शराब तस्करों का पीछा करने के दौरान पुलिस वाहन की टक्कर से एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद तत्कालीन मधुबनी एसपी योगेंद्र कुमार ने ASI चन्द्र मोहन सिंह और वाहन चालक चन्द्रदीप शास्त्री को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया था।
फिलहाल बलिराजगढ़ की इस घटना ने पुलिसकर्मियों की जवाबदेही और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार ASI को गिरफ्तार करना, गोलीबारी की पूरी सच्चाई सामने लाना और घटना में मृतकों व घायलों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि करना है।