मधुबनी जिले में पुलिस विभाग को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बाबूबरही थाना में तैनात एक सहायक अवर निरीक्षक (ASI) पर ग्रामीणों पर सर्विस पिस्टल से गोलीबारी करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना में गोली लगने से एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। वारदात के बाद आरोपी ASI मौके से फरार हो गया। पुलिस विभाग ने उसे निलंबित कर दिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
घटना सोमवार देर रात करीब एक बजे बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव की है। मृतक की पहचान 50 वर्षीय अशोक यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अशोक यादव की दिसंबर महीने में शादी होने वाली थी। घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन भी किया।
महिला के घर पहुंचा था ASI, ग्रामीणों को था कथित संबंध का शक
जानकारी के अनुसार, बलिराजगढ़ गांव में पुलिस पिकेट स्थापित है, जहां बाबूबरही थाने में तैनात ASI चन्द्र मोहन की ड्यूटी लगी हुई थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले कई दिनों से गांव के एक घर में सामान लेने के बहाने आते-जाते थे। ग्रामीणों का आरोप है कि उस घर की एक महिला के साथ ASI के कथित अवैध संबंध थे। इसी बात को लेकर गांव के कुछ लोग नाराज चल रहे थे।
सोमवार देर रात करीब एक बजे ASI चन्द्र मोहन फिर उसी महिला के घर पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें घर में जाते देख लिया। इसके बाद धीरे-धीरे वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी। ग्रामीणों ने घर का दरवाजा खोलने और ASI को बाहर निकालने की मांग शुरू कर दी।
कमरे में घिरे ASI ने सर्विस पिस्टल से की फायरिंग
ग्रामीणों के मुताबिक, ASI को कमरे के अंदर घेर लिया गया था। बताया जा रहा है कि घर के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
आरोप है कि खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर ASI चन्द्र मोहन ने अपनी सरकारी सर्विस पिस्टल निकाल ली और खिड़की से बाहर मौजूद लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से मौके पर अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब पांच से छह राउंड गोलियां चलाई गईं। हालांकि, पुलिस की ओर से फायरिंग की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
एक ग्रामीण की मौत, तीन अन्य घायल
इस गोलीबारी में चार ग्रामीणों को गोली लगी। गंभीर रूप से घायल अशोक यादव को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य घायलों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक घायल के गर्दन, दूसरे के कमर और तीसरे के पैर में गोली लगी है। घटना की सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मामले की जानकारी मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे।
SSP ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल
घटना की गंभीरता को देखते हुए मधुबनी के एसएसपी योगेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनकी स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद एसएसपी ने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
ASI निलंबित, गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम
घटना के बाद आरोपी ASI चन्द्र मोहन फरार है। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
एसएसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति को अपनी ओर से 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आरोपी के संबंध में जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस जल्द ही आरोपी की तस्वीर और अन्य जानकारी भी सार्वजनिक करेगी।
एसएसपी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पहले भी विवादों में रहा है आरोपी ASI
बताया जा रहा है कि चन्द्र मोहन सिंह इससे पहले मधवापुर थाना क्षेत्र में डायल-112 की टीम में तैनात रह चुका है। वहां 12 जुलाई 2025 को शराब तस्करों का पीछा करने के दौरान पुलिस वाहन की टक्कर से एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। उस मामले में तत्कालीन मधुबनी एसपी योगेंद्र कुमार ने ASI चन्द्र मोहन सिंह और पुलिस वाहन चालक चन्द्रदीप शास्त्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया था।
अब बलिराजगढ़ गांव में हुई गोलीबारी की इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी ASI की गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने में जुटी है।