सुपौल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) पर एक पत्रकार पर जानलेवा हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि दो काली कारों में सवार बदमाशों ने पहले ओवरटेक कर पत्रकार की गाड़ी रोकने की कोशिश की। इसके बाद कोसी ढाबा के पास उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे दूसरे लेन में पलट गई। हादसे में पत्रकार गोपाल कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने घटनास्थल पर हथियार लहराते हुए हवाई फायरिंग भी की और उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए।
पीड़ित गोपाल कुमार ने सोमवार को किशनपुर थाना में लिखित आवेदन देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के अनुसार, वह रविवार रात अपनी कार से बेगूसराय जा रहे थे। रास्ते में निर्मली से एक दोस्त को साथ लेना था।
पेट्रोल पंप से निकलते ही पीछा करने लगे बदमाश
गोपाल कुमार ने बताया कि रविवार रात एनएच-27 किनारे स्थित बाबा बमभोला पेट्रोल पंप पर उन्होंने अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाया था। इसके बाद जैसे ही वह आगे बढ़े, झाझा के पास दो काली कारों में सवार लोगों ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि बदमाशों ने ओवरटेक कर उनकी कार रोकने की कोशिश की। इस दौरान कार सवार लोग पिस्टल लहराते हुए उन्हें रुकने का इशारा कर रहे थे।
कोसी ढाबा के पास कार में मारी जोरदार टक्कर
पीड़ित के आवेदन के मुताबिक, जब वह नहीं रुके तो कोसी ढाबा के पास आरोपियों ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद उनकी गाड़ी पलट गई और वह कार के अंदर दब गए। इसके बाद हथियारों से लैस चार लोग कार से बाहर निकले और हवा में फायरिंग की। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें मृत समझकर आपस में बातचीत की और फिर वहां से फरार हो गए।
पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार से निकाला, अस्पताल में कराया भर्ती
घटना के बाद घायल पत्रकार ने किसी तरह अपने मोबाइल फोन से पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकलवाया और इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायगढ़-भपटियाही पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे में उनके सिर में चोट लगी है।
एक सप्ताह पहले मिली थी जान से मारने की धमकी
पीड़ित ने अपने आवेदन में हमले के पीछे पुराने विवाद को वजह बताया है। उनका आरोप है कि घटना से करीब एक सप्ताह पहले भी उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। ऐसे में इस हमले को पूर्व नियोजित साजिश के तौर पर देखे जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हमले के पीछे की वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्राथमिकी दर्ज, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
इस मामले में किशनपुर थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार ने सोमवार रात बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
पत्रकार पर इस तरह के हमले ने जिले में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपियों की पहचान कर उन्हें कब तक गिरफ्तार करती है और कथित जानलेवा हमले के पीछे की साजिश का खुलासा कब होता है।