योगापट्टी. प्रखंड की मच्छरगांवा नगर पंचायत के वार्ड नंबर आठ स्थित विशुनपुरवा लाला टोला गांव के पास शनिवार की देर शाम मछली पकड़ने गए छह युवकों को तिरहुत गंडक नहर की मंगलपुर उप वितरणी से शेर पर सवार मां दुर्गा की मूर्ति मिली. मूर्ति मिलने की खबर आसपास के गांवों में तेजी से फैल गयी, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी.
मूर्ति मिलने के बाद ग्रामीणों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयीं. बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ योगापट्टी विधायक विनय बिहारी को भी इसकी सूचना दी गयी. देर रात मूर्ति को योगापट्टी थाने लाया गया, जहां पुलिस ने उसे सुरक्षित रख लिया.
मछली पकड़ते समय नहर में दिखी धातु की वस्तु
जानकारी के अनुसार विशुनपुरवा लाला टोला निवासी नीरज कुमार, राहुल कुमार, संदीप कुमार, दिलीप कुमार, मैहबुल आलम और मंजीत कुमार शनिवार की देर शाम नहर में मछली पकड़ रहे थे.
इसी दौरान युवकों की नजर पानी के अंदर किसी धातु की वस्तु पर पड़ी. इसके बाद उन्होंने पानी में खोजबीन की तो शेर पर सवार मां दुर्गा की मूर्ति बरामद हुई.
मूर्ति मिलने की खबर पर जुटी ग्रामीणों की भीड़
मूर्ति को पानी से बाहर निकालने के बाद युवकों ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी. कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी.
मूर्ति को लेकर ग्रामीणों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं होने लगीं. लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विधायक विनय बिहारी को भी घटना की जानकारी दी.
देर रात मूर्ति को थाने लाया गया
मामले की जानकारी मिलने के बाद शनिवार देर रात मां दुर्गा की मूर्ति को योगापट्टी थाना लाया गया. पुलिस ने मूर्ति को सुरक्षित रख लिया है.
योगापट्टी थानाध्यक्ष ध्रुव नारायण सिंह ने बताया कि मूर्ति को सुरक्षित रखा गया है. मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी.
धातु और पुरातनता की आधिकारिक पुष्टि नहीं
मूर्ति किस धातु की बनी है और कितनी पुरानी है, इसकी फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसी तरह नहर में मूर्ति कैसे पहुंची, इसके बारे में भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आयी है.
पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है. मूर्ति की प्रकृति और उसके स्रोत को लेकर आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
छह युवकों को मिली थी मूर्ति
मूर्ति बरामद करने वाले युवकों में नीरज कुमार, राहुल कुमार, संदीप कुमार, दिलीप कुमार, मैहबुल आलम और मंजीत कुमार शामिल हैं.
मूर्ति को पुलिस के सुरक्षित रखने के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है.