Kosi Live-कोशी लाइव सुपौल में कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में दोषी को 15 साल की सजा, 1 लाख रुपये जुर्माना - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Wednesday, October 7, 2026

सुपौल में कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में दोषी को 15 साल की सजा, 1 लाख रुपये जुर्माना

सुपौल में कोडीन कफ सिरप के अवैध भंडारण मामले में दोषी को 15 साल की सजा, एक लाख रुपये जुर्माना भी

सुपौल। कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध भंडारण और खरीद-बिक्री के मामले में सुपौल की विशेष एनडीपीएस अदालत ने दोषी सिकेन सादा उर्फ सिकंदर सादा को 15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस राकेश कुमार तृतीय की अदालत ने मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

घर के पास छिपाकर रखे थे सात कार्टून कफ सिरप

मामला 30 दिसंबर 2022 का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि मोहनिया गांव के वार्ड नंबर 13 निवासी आनंद सादा का पुत्र सिकेन सादा अपने घर के समीप भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप छिपाकर रखा हुआ है।

सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया। तलाशी के दौरान एक जर्जर फूस के मकान और जमीन में छिपाकर रखे गए सात कार्टून कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किए गए।

बरामदगी के बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

अदालत में छह गवाहों ने दी गवाही

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों की गवाही कराई गई। विशेष लोक अभियोजक एनडीपीएस श्याम सुंदर कुमार ने अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में अपना पक्ष रखा। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजकुमार सिंह ने पैरवी की।

मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर विशेष अदालत ने 29 सितंबर 2026 को सिकेन सादा उर्फ सिकंदर सादा को दोषी करार दिया था। इसके बाद मंगलवार को अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई।

15 साल का सश्रम कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड

सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष एनडीपीएस अदालत ने सिकेन सादा उर्फ सिकंदर सादा को 15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

अदालत ने आरोपी द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित करने का आदेश दिया है। फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिस ने दोषी को जेल भेज दिया।