बिहार के कटिहार जिले में पत्रकार के अपहरण और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। खाद की कालाबाजारी से जुड़ी खबर प्रकाशित करने को लेकर विवाद के बाद बदमाशों ने पत्रकार को हथियार के बल पर अगवा कर लिया और उनके परिजनों से 10 लाख रुपये की मांग की। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 6 घंटे के भीतर अपहृत पत्रकार को सकुशल मुक्त करा लिया। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
खाद की कालाबाजारी की खबर को लेकर मिली थी जान से मारने की धमकी
एसडीपीओ विशाल आनंद के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को गुलाम मुर्तजा (44), पिता शेख अबुज, निवासी इमाम नगर, थाना आजमनगर ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी।
उन्होंने बताया कि वह अपने पत्रकार साथी मो. कलीम के साथ प्राणपुर में समाचार संकलन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान खाद की कालाबाजारी से संबंधित खबर प्रकाशित करने को लेकर मो. आशिक ने फोन पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी।
हथियार दिखाकर कार में बैठाया, मारपीट करते हुए ले गए
शिकायत के अनुसार, धमकी देने के बाद आरोपियों ने काले रंग की कार से उनका पीछा करना शुरू कर दिया। लाभा जीरो माइल के आगे हथियार दिखाकर उन्हें जबरन कार में बैठा लिया गया।
इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और मनिहारी के रास्ते अमदाबाद की ओर ले जाया गया। वहां आरोपियों ने उनकी रिहाई के बदले 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि रकम नहीं देने पर उन्हें दियारा इलाके में ले जाकर हत्या करने की धमकी दी गई।
पुलिस ने 6 घंटे में पत्रकार को कराया मुक्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोशना थाना में कांड संख्या 205/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विशाल आनंद के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।
टीम ने तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए घटना के महज 6 घंटे के भीतर अपहृत पत्रकार को सकुशल बरामद कर लिया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तीनों आरोपी कटिहार जिले के रहने वाले
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. आशिक (37), पिता मो. सीताबुद्दीन, निवासी सोड़ाडॉगी, थाना मनिहारी; मो. साबिर आलम (21), पिता अब्दुल अगीतज, निवासी मनिहारी और मनीष कुमार गोस्वामी (21), पिता नारायण गोस्वामी, निवासी बोरनी, थाना मनिहारी के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक कार और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर खबरों के संकलन और प्रकाशन को लेकर पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है।